बलिया। जिले में सपा से जुड़े दो पूर्व प्रधानों की 48 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ हुई हत्या कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई है। घटना से पुलिस महकमे में भूचाल आ गया है। सूबे के बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी की अति निकवर्ती पूर्व प्रधान फूलमती की हत्या ने पार्टी के नेताओं को हिला कर रख दिया है। हत्या की सूचना पाकर मंत्री स्तब्ध हैं। रविवार की रात देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राम गोविंद चौधरी को ट्रेन से लखनऊ जाना था, लेकिन उन्होंने अपना कार्यक्रम निरस्त कर रात में ही देवरिया से सीधे घटना स्थल के लिए रवाना हो गए और पूर्व प्रधान के घर पहुंच पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।
सिकंदरपुर थाने के ढोरीडीह गांव में पूर्व प्रधान और सपा नेता शिवानंद चौहान की शुक्रवार को दिन दहाड़े गोली मारकर कर हत्या कर दी गई। पूर्व प्रधान शिवानंद को अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने उस समय गोली मारी थी जब वह एक भूमि विवाद को निपटारा कर बंशी बाजार जा रहे थे। उक्त घटना के अभी 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि सहतवार के अतरडरिया गांव में पूर्व प्रधान और सपा नेता फूलमती की हत्या ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी। एक के बाद एक सपा नेताओं की हत्या ने पार्टी से जुड़े नेताओं को झकझोर कर रख दिया है। उधर कुसहर ग्राम सभा की अतरडरिया गांव निवासी फूलमती के परिजनों से मिलने के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री ने तत्काल हत्याकांड के खुलासे एवं हत्यारों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पूर्व प्रधान शिवानंद चौहान तथा पूर्व महिला प्रधान फूलमती चौहान की हत्या ने यह साबित कर दिया है कि जिले में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। खाकी का खौफ अपराधियों में न होने से दिन दहाड़े हत्या, लूट और डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। 0पूर्व प्रधानों की हत्या पुलिस के लिए चुनौती बनी है।