बांसडीहरोड। इलाके के छाता रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन की जद में आने से 17 भेड़ें कटकर मर गई। घटना के बाद भेड़ पालक ने इसकी सूचना सहायक स्टेशन मास्टर को दी। एक साथ करीब डेढ़ दर्जन भेड़ों के काल के गाल में समा जाने से भेड़ पालक पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पीड़ित ने आर्थिक सहायता के लिए रेलवे के उच्चाधिकारियों से गुहार की है।
इलाके के छाता गांव निवासी खेदारू पाल शुक्रवार की रात अपनी भेड़ाें को चराने के बाद घर वापस लेकर आ रहा था। छाता स्टेशन के समीप रात करीब नौ बजे अपनी भेड़ों को रेलवे लाइन पार करा रहा था कि इसी बीच छपरा से बलिया जा रही एक्सप्रेस ट्रेन आती दिखी। वह भेड़ों को हटा पाता कि ट्रेन की जद में आकर 17 भेडे़ं कट गई। भेड़ पालक उन्हें कटते देख चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुन आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे।
इसी बीच किसी ने इसकी सूचना बांसडीहरोड पुलिस व सहायक स्टेशन मास्टर को दी। एक साथ 17 भेड़ों की मौत हो जाने से गड़ेरिया परिवार के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। इस बाबत जीआरपी एसओ रामविलास चौधरी ने बताया कि इस घटना के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है।