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बाढ़ ने बढ़ाई चिंता की लकीरें

Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
Ballia
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लालगंज। जून का महीना आते ही स्थानीय बाजार से दो किमी पश्चिम गंगा नदी के तट पर बसे भुसौला जगदीशपुर के लोगों में दहशत है। लोगों का कहना है कि इन गांवों को बाढ़ से बचाव के लिए प्रयास नहीं किये गए तो नदी में विलीन होने से बचाया नहीं जा सकेगा।
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मालूम को ही ग्राम पंचायत बहुआरा से जगदीशपुर, भुसौला, नरदरा, बलवंत छपरा, उद्धोपुर और बहुआरा दक्षिणी के लगभग पांच हजार लोगों की रिहायशी महान गंगा नदी के किनारे कटान के मुहाने पर है। प्रतिवर्ष दर्जनों लोगों के रिहायशी मकान कटकर नदी में विलीन हो जाते हैं। बिना घर बार के लोग खुले आसमान के नीचे जीवन-यापन को विवश हो जाते हैं। इन गांवों को बचाने के लिए तत्कालीन विधायक सुभाष यादव ने 11 करोड़ रुपये की लागत से 12 स्परों का निर्माण कराया था। जहां स्परों का निर्माण हुआ, वहां तो राहत मिला। लेकिन जहां नहीं हुआ, वहां विगत वर्ष ही लगभग डेढ़ दर्जन लोगों के मकान गंगा नदी में विलीन हो गए। उन लोगों में से कुछ तो पलायन कर गए और कुछ लोग बिना घर बार के गंगा के किनारे ही मारे-मारे फिर रहे हैं। विगत दिनों डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने भुसौला व जगदीशपुर में प्रतिवर्ष होने वाले कटान के नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया था उन्होंने तत्काल टेंडर देकर स्परों के निर्माण का कार्य बाढ़ खंड के अधिकारियों को सौंपा था। इस कार्य को जल्द ही पूर्ण कराने पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया था। लेकिन मई माह बीतने की कगार के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य शुरू तक न होने से तटवर्तीय लोगों में आक्रोश है। जगदीशपुर निवासी रामेश्वर पांडेय, रामजी पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, रघुनाथ पांडेय, मुन्नी पांडेय व भुसौला निवासी कौशल तिवारी, अरुण कुमार, विनोद तिवारी, रामदास तिवारी, राजेश्वर सोनी आदि लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्परों का निर्माण कार्य आरंभ नहीं होता तो इन गांवों के लोगों को बाढ़ की विभीषिका से बचाया नहीं जा सकता। उन्होंने अविलंब स्पर निर्माण कार्य आरंभ कराने की मांग की।
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