दयाछपरा। यूपी-बिहार बार्डर पर शनिवार को बिहार के हथियारबंद बदमाशों ने यूपी सीमा में धावा बोला। वे आधा दर्जन से अधिक पशु जबरदस्ती हांककर ले जाने लगे। सूचना मिलते ही नौरंगा के दर्जनों पशुपालक व ग्रामीण इकट्ठे हो गए। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग भी हुई। बाद में मवेशी लुटेरों को खाली हाथ भागना पड़ा। दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में दशहत व्याप्त है। उधर घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची बैरिया पुलिस ने पीड़ितों से बातचीत की। पशुपालकों ने बिहार के पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
बैरिया थाना क्षेत्र के गंगा उस पार नौरंगा भुआल छपरा निवासी रवींद्र ठाकुर की आधा दर्जन गायें शुक्रवार को नौरंगा पुल के पास दियारे में घास चर रही थीं। इसी बीच बिहार के आधा दर्जन असलहाधारी बदमाशों ने गायों को चारों तरफ से घेर लिया तथा दिनदहाड़े जबरिया हांककर ले जाने लगे। चरवाहे द्वारा विरोध करने पर उसके ऊपर बदमाशों ने असलहा तान दिया। भयभीत चरवाहा भागकर गांव में गया तथा घटना की सूचना ग्रामवासियों को दी। पशु पालक रवींद्र ठाकुर एवं पड़ोस के दर्जनों ग्रामीण लाइसेंसी बंदूक लेकर गायों को रोकने निकल पड़े। ग्रामीण जब गाय के पास पहुंचे तो बदमाशों ने उन पर फायर झोंक दिया। जवाब में ग्रामीणों ने भी फायर किया। दोनों तरफ से करीब आधे घंटे तक गोलियां चलती रहीं। ग्रामीणों को भारी पड़ता देख बिहारी बदमाश गायों को छोड़कर भागने के लिए विवश हो गए। पशु पालक रवींद्र ठाकुर ने बिहार के भोजपुर जनपद अंतर्गत शाहपुर थाना क्षेत्र के सैया मोर सइया निवासी जगदीश यादव, धनजी यादव, शंकर यादव, लल्लन यादव, कमला यादव के खिलाफ शनिवार को बैरिया थाने में तहरीर दी।
गौरतलब हो कि कुछ इसी अंदाज में पिछले नवंबर माह में बिहार के बदमाशों ने गंगा इस पार शोभ नथहीं, दयाछपरा, उदईछपरा के चरवाहों के करीब चालीस गायें लेकर भाग गए थे। इस संबंध में बैरिया एसओ विजय प्रकाश यादव ने बताया कि वे घटनास्थल की स्वयं जांच के लिए गए थे। घटनास्थल बिहार की सीमा में है। वहां चाहकर भी यूपी पुलिस कुछ नहीं कर सकती।