रतसर। भीषण गर्मी के कारण गांवों में मौसमी और संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित निजी चिकित्सालयों में पहुंचने वाले मरीजों में की संख्या इन दिनों अधिक हो गई है। इनमें अधिकतर संक्रामक रोग से ग्रसित हैं।
रतसर कस्बा में संक्रामक बीमारी ने पांव लिया है। इसके चलते वहां की 20 हजार की आबादी दहशत में है। गर्र्मी के प्रकोप के साथ ही क्षेत्र में रोगों का मकड़जाल सा फैल गया है। इनमें पेचिस, टायफायड, बुखार, मम्स आदि का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है।
दूसरी तरफ संक्रामक रोगों के पांव पसारने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक क्षेत्र में निरोधात्मक कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है। कस्बा क्षेत्र के बिलावलपुर, अगरधत्त नाथ मोहल्ला, उत्तरी राजभर बस्ती सहित दर्जनभर गांव, मुहल्ला में संक्रामक रोगों का प्रभाव बढ़ा है। पांच वर्ष से लगायत 12 वर्ष उम्र तक के कई बच्चे क्षेत्र में मम्स से बुरी तरह प्रभावित हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि गर्मी एवं कस्बे में गंदगी का साम्राज्य, खुले में मांस की बिक्री एवं उसके अपशिष्ट पदार्थों की वजह से संक्रमण की स्थिति मजबूत हुई है। गौर करें तो स्थानीय कस्बे में 12 सफाईकर्मियों की तैनाती है। मौजूदा समय में मात्र दो ही सफाईकर्मी अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। जिसकी वजह से गांव की गलियां एवं अन्य हिस्सों में आवश्यक सफाई के अभाव में गंदगी का साम्राज्य स्थापित है।