रसड़ा। कोतवाली क्षेत्र के मिर्जापुर लखुआ गांव में चूल्हे से निकली चिंगारी से आधा दर्जन से अधिक रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। जिसमें रखा हजारों रुपये नगदी और खाद्यान्न समेत घरेलू सामान जल गया। इस अगलगी में एक महिला भी झुलस गई।
कोतवाली क्षेत्र के मिर्जापुर लखुआ गांव में जोगिंदर राजभर के घर की महिलाएं बुधवार को खाना बनाने के बाद खाना खाकर खेती के काम में लग गई। इस बीच चूल्हे की निकली चिंगारी ने रिहायशी झोपड़ी को छू लिया। देखते ही देखते चिंगारी ने शोला का रूप धारण कर लिया। इस अगलगी में योगिंदर की चार और सत्यराम की तीन झोपड़ियां जल गईं। मकान के पास काम कर रही कोशिली ने बचाने का प्रयास किया इसी दौरान वह बुरी तरह से झुलस गई। सूचना पाकर पहुंचे अग्निशमन दस्ता के कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने जबतक आग पर काबू पाने की कोशिश करते तबतक झोपड़ी में रखे नकदी, अनाज सहित घरेलू उपभोग के हजारों का समान जलकर खाक हो गए। उधर, बांसडीहरोड में ग्राम पंचायत घोरौली में मंगलवार की रात अज्ञात कारणों से लगी आग में तीन रिहायशी झोपड़ी जलकर खाक हो गई।
लपटों की चपेट में आने से रिहायशी झोपड़ी में रखा सारा घरेलू सामान भी जलकर राख बन गया। अग्निकांड में बुचानी राजभर, संतोष राजभर, श्यामदेव राजभर की रिहायशी झोपड़ी आग की भेंट चढ़ गई। अगिभनकांड की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे कोटेदार ने पीड़ितों में खाद्यान्न का वितरण किया तथा लेखपाल ने मौका मुआयना किया।