मनियर। स्थानीय कसबा के कम्युनिस्ट मुहल्ला निवासी सुभाष वर्मा की हत्या के मामले में पुलिस क्लू तलाश रही है। उसकी हत्या सरवार में हुई थी। ऐसा लोगों का मानना है। कत्ल के बाद शव घर के पास खेत में मिला। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो घटना के दिन सरवार से खेत तक जाने वाले रास्ते में खून के धब्बे साफ दिखाई दे रहे थे। परिजन हत्या के पीछे पैसे का लेन-देन बता रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो मृतक का एक सब्जी कारोबारी के यहां अक्सर आना-जाना लगा रहता था। पुलिस ने इस मामले में दो व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के उपरांत एक को छोड़ दिया है।
कसबा के सुभाष वर्मा की हत्या का तीन दिन बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। इसको लेकर कसबे में चरचाओं का बाजार गर्म है। उनकी हत्या क्यों हुई है? इसको लेकर लोगों में तरह-तरह की बाते अब भी की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि जिस खेत में उनका शव मिला था। वहां से सरवार जाने वाले मार्ग के कई स्थानों पर खून के धब्बे देखे गए हैं। इसका खुलासा सुभाष के परिजनों के साथ कसबेवासियों ने भी की है। सुभाष की पत्नी मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया है कि वे दिन-रात हर समय सरवार स्थित एक सब्जी कारोबारी के यहां जाते थे। उसने कहा है कि वह अपनी कमाई का एक रुपया भी घर पर नहीं देते थे। पैसे के बारे में पूछने पर वे हमेशा बात को टाल जाते थे। पुलिस ने इसी को आधार बनाकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद एक को छोड़ दिया है, जबकि दूसरे से कई बिंदुओं पर पूछताछ चल रही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने बताया कि दो लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया था। मामले की जांच की जा रही है। शीघ्र ही खुलासे की उम्मीद है। बांसडीह क्षेत्राधिकारी आरडी चौरसिया ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।