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स्वर्ग से ले रहे सरकारी योजनाओं का लाभ

Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
Ballia
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सुरेमनपुर। वर्ष 2002 में हुए बीपीएल सर्वे के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य एक-एक कर सामने आ रहे हैं। बैरिया तहसील की बीपीएल व अंत्योदय सूची में भारी गड़बड़ी की गई है। आलम यह है कि आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों लोग स्वर्गलोकवासी होने के कई साल बाद भी बीपीएल व अंत्योदय का लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पात्रों को सूची से बाहर कर अपात्रों को शामिल किया गया है।
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बैरिया विकास खंड के बैजनाथपुर ग्राम पंचायत निवासी शिवनाथ यादव की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है, लेकिन आज भी उनके नाम से बीपीएल कार्ड है। उसकी संख्या 6285 है। इसी क्रम में कलभूषण गोंड बीपीएल कार्ड संख्या 6297, व्यास पांडेय-6321, भीम यादव-6375, सारंगी यादव-6377, दूधनाथ शर्मा-6439, दूधनाथ यादव-6463, लालजी शाह-6464, रामकृपाल मौर्य-6478 तथा अरुण कुमार श्रीवास्तव आदि शामिल हैं। टेंगरहीं गांव में हरिकिशुन सिंह बीपीएल कार्ड संख्या-18309, अजीत सिंह-18310, रामचंद्र शाह-18236, गर्जन राम-18212, बब्बन उपाध्याय-18084, वंशरोपन चौबे-18085 ऐसे हैं जिनकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी है। उपाध्यायपुर के कमल तुरहा-बीपीएल संख्या 22897, भोला यादव-22930, नेउरपाती-22988, सुखदेव माली -23066, रघुनंदन यादव-23083 आदि भी जीवित नहीं हैं लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इतनी ही नहीं कई परिवार ऐसे हैं जो अपने मृत पिता के नाम पर इंदिरा आवास से लेकर तमाम सरकारी सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। मजे की बात यह है कि कई मृतकों के लड़के अमीर हैं और करोड़ों में खेल रहे हैं, फिर भी बीपीएल की सुविधा ले रहे हैं। द्वाबा के प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार के चलते हकीकत में गरीबों को समुचित सरकारी सुविधा न मिल पाई है। इस बाबत एडीओ पंचायत गिरीश कुमार पांडेय ने बताया कि बीपीएल सर्वे खुली बैठक में ही होनी है। यदि कोई शिकायत मिली तो दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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