विश्वनाथ तिवारी
सुरेमनपुर। दोकटी के रामपुर में पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी राजवंशी देवी की 15 साल पहले स्थापित प्रतिमा के अनावरण की उम्मीद जग गई है। चार नवंबर को कांग्रेस के विनोद सिंह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से इस सिलसिले में मिले थे। राष्ट्रपति कार्यालय से निर्देश के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आ गई। शुक्रवार को बैरिया के एसडीएम ने प्रतिमा का निरीक्षण किया।
देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद की शादी 13 साल की उम्र में दोकटी थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर (दलनछपरा) निवासी राजवंशी देवी से हुई थी। राजेंद्र प्रसाद ने1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अपने ससुराल में सेनानियों के साथ गुप्त रूप से शरण ली थी। उनकी पत्नी के भवन का नाम अपराजिता धाम था।
उनकी यादों को संजोने के लिए गांव के लोगों ने आदर्श ग्राम विकास संस्थान नामक संगठन बनाया और 12 मई 1997 को तत्कालीन महिला कल्याण मंत्री हरिकिशन श्रीवास्तव के प्रयास से राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी की प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमि पूजन कराया।
11 मार्च 1999 को तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री हरिश श्रीवास्तव ने पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रतिमा की स्थापना कराई, लेकिन आज तक इसका अनावरण नहीं हुआ। गांव वालों का आरोप है कि इसके लिए शासन, प्रशासन की लापरवाही जिम्मेदार है। कांग्रेस नेता विनोद सिंह ने चार नवंबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को इस सिलसिले में पत्रक सौंपा था। इसके बाद राष्ट्रपति कार्यालय से प्रदेश सरकार को पत्र भेजा गया। मुख्य सचिव अलोक रंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम को फैक्स भेजकर प्रतिमा के विषय में रिपोर्ट तलब की। इस पर एसडीएम राधेश्याम पाठक ने ढंकी प्रतिमा का निरीक्षण किया। कहा कि डीएम के निर्देश पर निरीक्षण किया गया है, रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।