बलिया। बेसिक शिक्षा के एकल विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन को लेकर प्रक्रिया चल रही है। 730 विद्यालयों में से करीब 911 शिक्षक सरप्लस पाए गए थे। 19 मई तक आपत्ति दाखिल करना था। अंतिम तिथि 19 मई तक 97 सरप्लस शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। निस्तारण के बाद शिक्षकों का समायोजन होगा।
सरप्लस शिक्षकों के भौतिक सत्यापन के लिए करीब 10 हजार शिक्षकों का डेटा खंगाला गया था। जिसमें 730 विद्यालयों के डेटा में करीब 911 शिक्षक सरप्लस पाए गए थे। जिनमें प्राथमिक के 610 विद्यालयों में 737 शिक्षक एवं उच्च प्राथमिक के 120 विद्यालयों में 174 शिक्षक सरप्लस पाए गए थे। आपत्ति के लिए शिक्षकों को 19 मई तक का समय दिया गया था। जिसमें करीब 97 शिक्षकों ने अपनी आपत्ति दाखिल की है।
इस समायोजन प्रक्रिया से उन शिक्षकों को दूर रखा गया है जिनका स्थानांतरण 30 मार्च तक किसी विद्यालय में हो गया है। समायोजन की इस प्रक्रिया में नगर क्षेत्र के विद्यालयों को शामिल नहीं किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा में करीब 112 ऐसे विद्यालय हैं जो एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। जबकि सरप्लस शिक्षकों की संख्या 911 है। ऐसे में समायोजन प्रक्रिया को पूरा करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने वाली है। हालांकि समायोजन प्रक्रिया में केवल कनिष्ठ शिक्षकों का ही समायोजन होगा। ऐसा बेसिक शिक्षाधिकारी का कहना है। इससे उनमें नाराजगी के स्वर उभर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले वरिष्ठ शिक्षकों का समायोजन होना चाहिए, उसके बाद कनिष्ठ का नंबर आता है। लेकिन विभाग केवल कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन कर रहा है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि कुल 97 सरप्लस शिक्षकों ने आपत्ति दाखिल किया है। शिक्षकों की आपत्ति का पहले निस्तारण किया जाएगा। निस्तारण के बाद एकल विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन का निर्णय जिला समिति लेगी।