जयप्रकाश नगर। बैरिया-आरा फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। परियोजना के लिए दोनों राज्यों को मिलाकर करीब 96 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उच्चस्तरीय मूल्यांकन समिति गठित की गई है।
परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बैरिया तहसील के सात गांवों तथा बिहार के भोजपुर जिले के 21 गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में है। भोजपुर जिले में आरा अंचल के 14 और बड़हरा अंचल के छह गांव शामिल बताए जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में मुआवजा राशि भेजी जाएगी।
मुआवजा निर्धारण के लिए गठित समिति केवल जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर राशि तय नहीं करेगी। संबंधित भूखंड की किस्म, उपयोगिता, वर्तमान बाजार मूल्य और अन्य अभिलेखों की जांच के बाद मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए प्रचलित सर्किल रेट और हाल में हुई रजिस्ट्री के मूल्यों को भी आधार बनाया जाएगा। बिहार क्षेत्र में स्वीकृत नीति के अनुसार बाजार मूल्य के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी मुआवजा निर्धारण में शामिल किया जाएगा। वहीं, जमीन पर मौजूद पेड़, ट्यूबवेल, मकान समेत अन्य परिसंपत्तियों का अलग से मूल्यांकन कर उसकी कीमत भी मुआवजे में जोड़ी जाएगी।
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वर्जन-
आरा-बैरिया फोरलेन के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब शुरू होगी। इसके लिए राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। दोनों प्रांतों के राजस्व टीम के साथ समन्वय बनाया गया है। जिससे किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।
-मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी, बलिया।