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बोर्ड परीक्षा: सीसी टीवी फुटेज के मानकों से खिलवाड़

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बलिया। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की शासन एवं स्थानीय प्रशासन की तमाम कवायदें नकल माफियों के आगे धराशायी नजर आ रही हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी मंशा विफल रही है। कई केंद्रों में लगे कैमरे सक्रिय तक नहीं किए जा रहे हैं और कई जगह मेमोरी फुल होने की बात कर कैमरों को बंद कर दिया जा रहा है। हालांकि बोर्ड की ओर से इस बाबत स्पष्ट निर्देश नहीं होने के कारण अधिकांश केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में ऑडियो जैक भी नहीं हैं, जिसका लाभ नकल माफिया उठा रहे हैं।
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शासन एवं प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद जिले में चल रही बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया अपना खेल बदस्तूर जारी रखे हुए हैं। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद भी नकल माफियाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। जनपद में कुल 274 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं लेकिन कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के बंद होने की जानकारी सामने आ चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक की मानें तो बोर्ड की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाने के बाबत स्पष्ट निर्देश नहीं हैं कि कैमरों के साथ ऑडियो जैक रहे या नहीं। इसके चलते कई केंद्रों पर ऑडियो जैक नहीं लगे हैं। परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन आए दिन निरीक्षण के दौरान इसमें भी गड़बड़ियां मिल रही हैं और कई केंद्रों पर पिछले दिनों के फुटेज नहीं मिल रहे हैं मसलन शनिवार को सुबह की पाली की परीक्षा के दौरान सचल दस्ता सहदेव पौधरिया अंबेडकर इंटर कॉलेज मंदा रसड़ा पहुंचा और पूर्व की परीक्षाओं की रिकार्डिंग केंद्र व्यवस्थापक से दिखाने को कहा, लेकिन वह दिखा नहीं सके। हालांकि सचल दस्ता ने इस बाबत केंद्र व्यवस्थापक को नोटिस जारी कर जिविनि को स्पष्टीकरण देने को कहा कि क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और विद्यालय को आजीवन डिबार की सूची में डाल दिया जाए। करीब 10 दिनों की बोर्ड परीक्षा समाप्त हो चुकी है लेकिन किसी भी विद्यालय की ओर से सीसीटीवी रिकार्डिंग की कोई सीडी एनआईसी या संकलन केंद्र पर जमा नहीं की गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी रिकार्डिंग की सीडी जमा करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं है और इसे विद्यालयों को ही रखना है और जरुरत पड़ने पर वह प्रस्तुत करेंगे।
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सीसीटीवी कैमरों के लगवाने के बाबत बोर्ड से स्पष्ट निर्देश नहीं होने के कारण कहीं-कहीं ऑडियो जैक नहीं हैं। कैमरे के बंद पाए जाने व रिकार्डिंग नहीं दिखाने पर संबंधित केंद्र को आजीवन डिबार करने की संस्तुति की जाएगी।
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= अमर नाथ राय, डीआईओएस, बलिया।
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