बलिया। जिला पंचायत के आचार्य नरेंद्र देव सभागार में शनिवार को प्रस्तावित जिला योजना संरचना वर्ष 2018-19 की बैठक हुई। जिसमें वित्तीय वर्ष 2017-18 के संशोधित बजट पारित किया गया। वहीं जिला योजना वित्तीय वर्ष 2018-19 के मूल बजट का भी अनुमोदन किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने विभागवार कार्यो की समीक्षा की तथा अधूरे पड़े विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई। बैठक में 458 करोड़ 17 लाख चार हजार 64 रुपये की अनुमानित बजट का अनुमोदन किया गया। जिसमें सरकार से प्राप्त अनुदान कर शुल्क, सार्वजनिक नौका घाट सहित 12 मदों से आने वाले धन के सापेक्ष व्यय होने वाले मदों पर भी चर्चा की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सर्वसम्मत से पिछली बैैठक कार्रवाई की पुष्टि की गई। जनपद के विभिन्न विकास से संबंधित विभागों की गहन समीक्षा किया गया। करीब आधे दर्जन से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थित रहने पर जिला पंचायत सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। कहा कि जिस जिला योजना के बैैठक से पूरे जिले के विकास कार्यो के लिए धन का अनुमोदन किया जाता हैै उसी बैठक में सीएमओ, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी, जिलापूर्ति अधिकारी, बिजली विभाग तथा लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी बैठक में नदारद रहे। जिसको लेकर काफी देर तक सदन में हंगामा चलता रहा। इसको लेकर कई सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन काटने का निर्देश दिया। कुछ अधिकारियों को सूचना दी गई। जिसके बाद सीएमओ, बीएसए तथा बिजली विभाग के एक्सइएन द्वितीय हरिशंकर बैठक में भाग लेने पहुंच गए। इस दौरान संपत्ति कर की सूची ग्रामीण क्षेत्रों में भवन तथा मकानों का बाइलाज, वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए गड्ढामुक्त की कार्ययोजना, राज्यवित्त आयोग की वार्षिक कार्ययोजना 2018-19 सदन में पारित की गई। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा अन्य प्रस्ताव के रूप में मनरेगा को लेकर बजट तथा अन्य प्रस्ताव सर्व सम्मत से पारित किए गए। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी रमेश कुमार सिंह, विजय शंकर यादव, चंद्रप्रकाश पाठक, मुन्ना पासवान, मृत्युंजय मिश्र, संजय यादव, अवधेश राय, चंद्रशेखर सिंह, पम्मीप्रकाश सिंह, शैलेश यादव, अर्चना सिंह, मनीषा सिंह, चंपा देवी आदि मौजूद रहे।