इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जिला इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को डाक्टरों ने भारत सरकार द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल किया था। लेकिन आइएमए के देश व्यापी हड़ताल के कारण सरकार को झुकना पड़ा और विधेयक पर मूल्यांकन करने के लिए कुछ सांसदों की टीम गठित की गई। विधेयक के स्थगन होने से डाक्टराें ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। चिकित्सकाें ने एक स्वर से कहा कि भारत सरकार द्वारा नेशनल मेडिकल विधेयक गरीब, असहाय व आमजन के लिए घातक है तथा लोकतंत्र के लिए खतरा है।
चिकित्सकों ने कहा कि उनके आंदोलन के सफल संचालन के आगे केंद्र सरकार को झ़ुकना पड़ा है। टीम के सदस्य जिले के सांसद भरत सिंह के माध्यम से विधेयक से होने वाले नुकसान के बारे में पत्रक देकर बताया जाएगा। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डा. पीके सिंह गहलौत, सचिव डा. आरबी गुप्ता, डा. आफताब, डा. मंजूषा, डा. अजीत सिंह, डा. जेपी सिंह, डा. जेके सिंह, डा. संतोष कुमार, डा. बीके गुप्ता, डा. शशिकला सिंह, डा. अमिता सिंह, डा. आशु सिंह, डा. प्रियंका राय आदि मौजूद रहे।