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पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग

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पूर/दुबहर। रानी पद्मावती पर बनी फिल्म का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। लोगों ने निर्माता-निर्देशक पर इतिहास से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। लोगों ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।
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पूर संवादाता के अनुसार, क्षेत्र के ध्रुव जी सिंह स्मृति सेवा संस्थान के सचिव भानु प्रकाश सिंह बबलू ने फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक लगाने के संबंध में ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा। कहा है कि निर्माता निर्देशक द्वारा स्वयं की स्वार्थपूर्ति के लिए कथा वस्तु एवं ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर देश की आदर्श भारतीय नारी और सनातन हिंदू धर्म का अपमान किया है। फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए।
दुबहर संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के राजपूत ढाबे पर शुक्रवार को फिल्म पद्मावती में इतिहास के मूल तथ्यों के साथ छेड़छाड़ किए जाने पर फिल्म निर्माता निर्देशक पर आक्रोश जताया गया। लोगों ने कहा कि किसी भी समाज को इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती । लोगों ने इस फिल्म पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने की मांग की। बैठक में नागेंद्र सिंह, बिशाल सिंह, टप्पू सिंह, विकास सिंह, माधवन, मदन जी, लक्ष्मण जी, रविंद्र कुमार सहित अनेको लोग उपस्थित थे अध्यक्षता नागेंद्र सिंह संचालन विक्की सिंह ने किया।
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फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक की मांग, विधायक ने लिखा पत्र
सिकंदरपुर। भाजपा विधायक संजय यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर फिल्म पद्मावती के उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग किया है। पत्र के माध्यम से बताया है कि रानी पद्मिनी एक आदर्श भारतीय नारी थी, जिन पर सभी देशवासियों को गर्व है। रानी पद्मिनी ने अपने सतीत्व देश व समाज की आन बान और शान के लिए हजारों नारियों के साथ स्वयं को जौहर कर दिया था, फिल्म पद्मावती के निर्माता और निर्देशक द्वारा विदेशी ताकतों की साजिश के तहत गौरवशाली इतिहास को गलत तरीके से तोड़-मरोड़कर प्रदर्शित करना देश समाज एवं सनातन हिंदू धर्म का अपमान है। वहीं इसके सार्वजनिक चित्रण को लेकर जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है। जन भावनाओं को देखते हुए फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन पर उत्तर प्रदेश में रोक लगाने की मांग किया है।
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