बलिया/बैरिया। आजमगढ़ मण्डल के आयुक्त के रविंद्र नायक ने सस्ते-गल्ले की दो दुकानों के निरस्तीकरण के मामले में राशनकार्ड बनाने व सत्यापन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। साथ ही एसडीएम निरस्तीकरण के आदेश को समाप्त करते हुए दो माह में जांचकर निस्तारण करने का आदेश दिया है।
बैरिया तहसील क्षेत्र के हनुमानगंज के दुकानदार अजय यादव की दुकान को 70 पात्रगृहस्थी व अन्यत्योदय कार्ड में डबल नाम होने के कारण तथा दुर्जनपुर केंद्र के दुकानदार रामकुमार राम की दुकान को वितरण में अनियमितता पाए जाने के आरोप में एक सितम्बर 2017 को निरस्त कर दिया गया था। निरस्तीकरण के विरुद्ध दुकानदारों ने उच्च न्यायालय में अपील दाखिल किया था। जिसकी सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मंडल आयुक्त को मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया था। मंडलायुक्त ने अजय यादव की निरस्त दुकान की सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि राशनकार्ड बनाने वाले व सत्यापन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी का दोष बनता है। वे अधिकारी-कर्मचारी किस दायित्व से बच गए। मंडलायुक्त ने निरस्तीकरण के आदेश को निरस्त करते हुए एसडीएम बैरिया को दो माह में जांचकर मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया है।
वहीं, दुर्जनपुर के निरस्त दुकानदार रामकुमार राम के अपील पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि केवल अनियमितता की शिकायत करने से अनियमितता नहीं मान लिया जाता है। शिकायत के बाद वितरण रजिस्टर, राशनकार्ड व वितरण प्रमाण पत्र के मिलान के साथ स्टाक का मिलान होना चाहिए। अगर यह सब ठीक है तो अनियमितता कैसे मानी जायेगी। इस मामले में भी जांचकर निस्तारण करने का आदेश दिया है। मण्डला आयुक्त ने दोनों दुकानों को निस्तारण तक यथावत रखने का भी आदेश दिया है। इस बाबत बैरिया एसडीएम राधेश्याम पाठक ने बताया कि मंडला आयुक्त का आदेश प्राप्त हो गया है। मामले का अवलोकन कर आदेश का अनुपालन किया जाएगा।