रामगढ़। अब गंगा नदी में भी बढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में तटवर्ती वाशिंदों के रात की नींद गायब हो चुकी है। आलम यह है कि लगातार हो रही बारिश के चलते दुबेछपरा पर चल रहा बाढ़ निरोधक कार्य बिल्कुल ठप पड़ गया है। करीब चार दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद वहां से मजदूर भी पलायन कर चुके हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक दुबेछपरा में 29 करोड़ रुपए से बाढ़ कटान निरोधक कार्य चल रहा है। जिसका तलहटी का काम अपने अंतिम दौर में था कि अचानक गंगा नदी का रुख बदल गया है और गंगा के जलस्तर में अनवरत बढ़ाव का क्त्रस्म जारी है। जिसके चलते तलहटी से जियो विधि से बनाया गया प्लेटफार्म डूबते जा रहे हैं। जिसमें कटानरोधी काम कराना काफी मुश्किल हो गया है। बता दें कि 29 करोड़ रुपए की लागत से दुबे छपरा में 750 मीटर लंबा जियो विधि से प्लेटफार्म और एक स्पर का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसमें स्पर के समीप 200 मीटर तक की दूरी में गंगा की तलहटी में 12 लेयर तक जियो विधि के बोरियों में बालू भरकर प्लेटफार्म बनाना था जिसमें करीब 8 लेयर का काम अभी तक पूरा हुआ था। इसी बीच पानी का बढ़ाव शुरू हो गया है। सोमवार को केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर प्रतिघंटा एक सेंटीमीटर के साथ बढ़ रहा था। सोमवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 51.97 मीटर दर्ज की गई। साथ ही प्रतिघंटा एक सेमी का बढ़ाव बना हुआ है।
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कटानपीड़ितों की बढ़ती जा रही मुश्किलें
रामगढ़। क्षेत्र के हरपुर के कटान पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। जैसे जैसे गंगा का जल स्तर तलहटी से ऊपर आ रहा है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर करें तो क्या करें एक तरफ बाढ़ विभाग इन गांव के लोगों को आश्वासन दे रखा है कि इस गांव को बचाने के लिए 63 लाख रुपए का 2 प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा गया है। लेकिन आज तक वहां कोई भी कार्य शुरु नहीं हो सका। इसको लेकर के पीड़ितों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो जल्द ही अपने हाथों अपने घरों को उजाड़ना पड़ेगा।