सीएचसी अधीक्षक डॉ. रत्नेश कुमार ने बताया कि जांच में छात्राओं में जो लक्षण मिले हैं, उसके अनुसार गर्मी और उमस से तबीयत बिगड़ने की आशंका है। गर्मी और उमस के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन प्रभावित होने पर चक्कर, कमजोरी, उल्टी जैसी समस्या हो सकती है।
बताया कि तेज गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने के बाद यदि अचानक अधिक मात्रा में पानी पी लिया जाए तो शरीर उसे तुरंत अवशोषित नहीं कर पाता। इससे भी चक्कर, उल्टी, बेचैनी और कमजोरी जैसी समस्या होती है। उन्होंने ने गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स लेने तथा धूप और उमस से बचने की सलाह दी।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, तीन छात्राओं का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। अन्य सभी छात्राओं की हालत सामान्य है और उन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया।