फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: 25 गांवों के 75% लोगों को नहीं मिली राहत किट, बाढ़ से घिरे गांवों में पीने का पानी नहीं

विज्ञापन
गंगा नदी के पानी कम होने के बाद चिंताम​णि राय टोला गांव में पानी से होकर गुजरती युवती।संवाद
विज्ञापन
मझौवां/दया छपरा। गंगा के जलस्तर में पिछले पांच दिनों से मामूली गिरावट के बाद बृहस्पतिवार को स्थिरता आ गई। लेकिन बाढ़ प्रभावित लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, सुघर छपरा समेत 25 गांव के 75 फीसदी लोगों को राहत किट नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन

संजय चौधरी, लकड़ी मिश्र, सुरेंद्र ठाकुर, राजमंगल ठाकुर, जगदत्त ठाकुर, शंकर यादव, मुन्ना पांडेय और नागेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि राहत सामग्री के असमान वितरण और प्रशासनिक उदासीनता के कारण मूलभूत जरूरतों से जूझ रहे हैं। बाढ़ पीड़ित ऊषा देवी ने बताया कि उनका घर पानी में डूब गया था। वह कई दिनों से बच्चों के साथ ऊंचे स्थान पर शरण लेकर रह रही हैं।
पशुपालकों के सामने 25 हजार पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एनएच-31 के दक्षिण में बाढ़ का पानी और उत्तर दिशा में फैली फसलें तरसोत के पानी में डूब गई हैं।
विज्ञापन

उधर दया छपरा में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन संपर्क मार्गों और गलियों में कीचड़ व गंदा पानी जमा है। कई स्थानों पर पानी में सड़ांध आने लगी है।
रिंग बंधे के उस पार परेशानी : बांसडीह/बेल्थरारोड/बैरिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बांसडीह तहसील क्षेत्र के दियारा और तटवर्ती इलाकों में संकट है। रिंग बंधे के उस पार बसे भोजपुरवा, सुल्तानपुर पोखरा, महाराजपुर, रेंगहा और कोलकला समेत कई गांवों में हालात बेहद खराब हैं। शुद्ध पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। सुरेमनपुर दियरांचल के बाढ़ प्रभावित लोगों की चिंता बढ़ गई है। करीब एक पखवाड़े से बाढ़ झेल रहे ग्रामीणों की परेशानी जलस्तर घटने के बाद फिर बढ़ गई है। पहले से आई बाढ़ से खेती चौपट हो चुकी है ।
183 बाढ़ पीड़ितों को मिली राहत सामग्री: मनियर।। नगर पंचायत मनियर के वार्ड नंबर 10 बहेरापार के 183 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की गई। यह वितरण मनियर इंटर कॉलेज परिसर में हुआ। बांसडीह के तहसीलदार नितिन कुमार सिंह और भूमि विकास बैंक बांसडीह के अध्यक्ष कुंवर विजय सिंह पप्पू ने सामग्री बांटी। प्रत्येक पैकेट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दाल, आलू, नमक, तेल और मसाले जैसी खाद्य वस्तुएं थीं।

गंगा नदी के पानी कम होने के बाद चिंतामणि राय टोला गांव में पानी से होकर गुजरती युवती।संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें