बलिया। कारागार में आजीवन कारावास से दंडित कैदियों को छोड़ने के लिए शासन द्वारा कारागार प्रशासन से सूची मांगी गई है। जिसके बाद जांच पड़ताल करने के बाद उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर समय अवधि से पूर्व उन्हें छोड़ दिया जाएगा। इसके लिए शासन ने मानक तय किया है। मानक के अनुसार जनपद के पांच कैदी गणतंत्र दिवस के अवसर पर छूट सकते हैं। जिस की सूची शासन को कारागार प्रशासन द्वारा भेज दिया गया है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं गणतंत्र दिवस पर सरकार ने 50 फीसदी या उससे अधिक सजा काट चुके कैदियों को रिहा करने का आदेश जारी किया है। हालांकि सरकार ने इसके लिए कुछ मानक तय किया है। जिसमें दहेज हत्या, दुष्कर्म, मानव तस्करी, टाडा, फेमा और अन्य गंभीर अपराधों के दोषियों को विशेष माफी नहीं दी जाएगी। सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के तहत ऐसी महिला कैदी जिनकी आयु 55 वर्ष या उससे अधिक हो और वह 50 फीसदी सजा काट ली हो, उन्हें रिहा किया जाएगा। इसी प्रकार 55 वर्ष पार कर चुके किन्नर कैदी, 60 वर्ष पार कर चुके पुरुष कैदी, जिन्होंने 50 फीसदी सजा काट ली हो, उन्हें रिहा किया जाएगा। वहीं दिव्यांग व शारीरिक रूप से 70 फीसदी या उससे अधिक अक्षमता वाले कैदी अथवा वे कैदी जिन्हें मेडिकल बोर्ड द्वारा मरणासन्न घोषित किया गया हो और 66 फीसदी सजा काट चुका हो, उन्हें रिहा किया जाएगा। जिला कारागार में गाइड लाइन के अनुसार गांधी जयंती पर छूटने वाले एक भी कैदी नहीं है। लेकिन गणतंत्र दिवस पर गाइड लाइन के अनुसार छोड़ने के लिए पांच कैदी हैं। जिनकी सूची जिला कारागार प्रशासन द्वारा शासन को भेज दी गई है। अगर शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान हुई तो जिला कारागार से पांच कैदी गणतंत्र दिवस पर रिहा हो सकते हैं।