बलिया। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर है। नतीजन डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद आज ऐसा माहौल तैयार हुआ है कि आज महिलाएं बेहिचक होकर स्कूल, कॉलेज, बाजार आ जा सकती हैं।
लोनिवि के डाकबंगले में महिला जनसुनवाई के दौरान श्रीमती चौबे ने कहा कि बहुत जल्द वह समय आएगा आएगा जब महिलाओं को घर बैठे न्याय मिलेगा। महिला आयोग उनके द्वार तक पहुंचकर उनको न्याय दिलाएगा। बताया कि महिलाओं से जुड़ी समस्या पर पहला प्रयास यही रहता है कि बातचीत कर मामले को हल करा लिया जाए। जरूरत पड़ने पर सख्त कदम भी उठाए जाते हैं। इस पर विशेष जोर है कि महिलाओं से जुड़े अपराध, महिलाओं का शोषण हर हाल में न हो। इसके लिए सरकार की ओर से कड़े निर्देश भी जारी है। महिला आयोग की सदस्य ने महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं व हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। प्रोबेशन अधिकारी केके राय को निर्देश दिया कि महिला हेल्पलाइन 181 के कार्यों पर भी नजर रखी जाए।
जन सुनवाई के दौरान सिकंदरपुर क्षेत्र के मझवलिया निवासी चंदा रावत ने जमीन के विवाद के साथ खुद की सुरक्षा की भी गुहार लगाई। बेल्थरारोड क्षेत्र के खैरा खास निवासी सुमन शर्मा ने निवासी सुमन शर्मा ने खुद पर हुए उत्पीड़न पर कोई कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की। रसड़ा थाना क्षेत्र के हालमुक़ाम सुलईपट्टी निवासी संध्या तिवारी ने बताया कि उनके पति कई महीनों से लापता हैं। पति के भागने की आशंका जाहिर करते हुए पता लगाने की गुहार लगाई। सभी समस्याओं को सुनने के बाद महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने मौके पर मौजूद एएसपी विजय पाल सिंह समेत संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। साथ ही सभी शिकायतकर्ताओं को अपना मोबाइल नंबर देते हुए समस्या निस्तारित नहीं होने की दशा में फोन से अवगत कराने की बात कही। इस मौके पर जनसुनवाई कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सीआरओ प्रवरशील बरनवाल, एएसपी विजयपाल सिंह, सभी सीओ, प्रोबेशन अधिकारी केके राय, शशिकांत तिवारी आदि मौजूद थे।