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केवल कागजों तक सिमटा स्वच्छ भारत मिशन

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लालगंज। विकास खंड मुरली छपरा में स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के अधिकतर काम केवल कागजों तक सिमट कर रह गया है। न किसी गांव में स्वच्छता कमेटियां काम कर रहीं हैं और न लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिससे जनता भी खुले में शौच जाने से बाज नहीं आ रही है। कर्मचारियों व अधिकारियों की कागजी खानापूर्ति से स्वच्छ भारत मिशन हवा हवाई होकर रह गई है।
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विकास खंड मुरली छपरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गंगा किनारे के आठ गांवो को खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें कुछ ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। लेकिन जागरूकता के अभाव में आम लोग शौचालय होते हुए भी खुले में शौच जाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि सरकार द्वारा जागरूकता के नाम पर विकास खंड को भारी भरकम राशि भी भेजी गई है। मुरार पट्टी ग्राम पंचायत के निवासी मुटन राय के अनुसार किसी भी पंचायत में स्वच्छता कमेटियां काम नहीं कर रहीं। यह केवल कागजो तक सिमट कर रह गई हैं। वहीं शिवपुरकपूर दियर निवासी अशोक सिंह ने कहा हमें तो मालूम ही नहीं कि इसके लिए गांवो में कमेटी भी बनी है। यदि बनी होती तो लोग अपने शौचालयों का इस्तेमाल करते। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल कर्मचारी व अधिकारी जो जागरूकता के लिए पैसे आते हैं, लूट खसोट की भेंट चढ़ा देते हैं। आराजीमाफी निवासी रमेश यादव का कहना है कि यह कर्मचारियों व अधिकारियो के खाते में जागरूकता की बात हो रही होगी, गांवो में इस तरह का कोई प्रचार प्रसार नहीं हो रही है और न खुले में शौच जाने से लोग रुक रहे हैं। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम हवा हवाई ही है।
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