बलिया। जनपद के मालवीय मुरली बाबू की 123वीं जयंती मुरली मनोहर टाउन इंटर कालेज प्रांगण में रविवार को प्रतिमा के समक्ष मनाई गई। इस दौरान मुख्य अतिथि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति योगेंद्र सिंह एवं अन्य वक्ताओं ने उनके आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। तत्पश्चात उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि आने वाला कल गुणवत्ता परक शिक्षा का है। वर्तमान में गुणवत्ता के आधार पर शिक्षा में गिरावट चिंता का विषय है। कहा कि मुरली बाबू शिक्षा के आत्मतत्व थे। इसलिए समाज सेवा के लिए उन्होंने शिक्षा का क्षेत्र चुना। उनके द्वारा स्थापित पांच शिक्षण संस्थाएं शिक्षा की ज्याति निरंतर जला रही है। उन्होंने शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में शिक्षा व्यवसायिक होती जा रही है। गुणवत्ता परक शिक्षा के क्षेत्र में हमारी प्रतिस्पर्धा, अब सीमित दायरे में नहीं रह गई है। बल्कि इंटरनेट की दुनिया ने इसे व्यापक बना दिया है। कहाकि मुरली बाबू के जयंती के दिन आज शपथ लेना होगा कि हम मुरली बाबू के द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता को ऊंचाई देने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहेंगे। मुरली बाबू की स्थापित प्रतिमा हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने जिन उद्देश्यों के लिए शिक्षा की अलख जगाई थी, उसे पूरा करने के लिए हमें निरंतर प्रत्यत्नशील रहना चाहिए। इसके पूर्व मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए प्रबंध समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति के आने से हम गौरांवित है। इस मौके पर सुधीर कुमार श्रीवास्तव, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, अमर कुमार, विनय रंजन गोविंद, कमलेश कुमार श्रीवास्तव, रामरतन सिन्हा, अजय कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता बालकृष्ण अग्रवाल एवं संचालन डा. दयालानंद राय ने किया।