रसड़ा। विकास खण्ड के रोहना ग्राम सभा में विकास कार्यो में अनियमितता की शिकायतों पर कार्यवाही न होने पर समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई है। चेताया कि उनके पत्र पर 20 दिन के अंदर कार्यवाही नहीं की गयी तो बिना किसी सूचना के जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आत्मदाह कर लूंगा। राजेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा रोहना ग्राम सभा में विकास कार्यो की अनियमित्ता की शिकायत पत्र पर उपमुख्यमंत्री नोडल अधिकारी बलिया ऊर्जा मंत्री प्रभारी बलिया कैविनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर मंत्री स्वाती सिंह का आदेश भी बेमतलब ही साबित हुआ है। मंत्रियो द्वारा दिये गये आदेश को भी जिलाधिकारी ने ठन्डे बस्ते में डाल दिया है। अनेको बार शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्यवाही न होते देख राजेन्द्र प्रसाद सिंह में मुख्य मंत्री के यहां शिकायती पत्र भेज कर कार्यवाही की मांग किया। आरोप लगाया की मैंने अपनी मांगों के समर्थन में 6 अक्टूबर 2017 को उपजिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठा। जिसपर जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी ने अनशन तोड़वाकर 15 दिन के अंदर जांच कर कार्यवाही करने का आस्वासन दिया। शिकायती पत्र पर उप मुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने 15 नवम्बर 2017 को अपर मुख्य सचिव पंचायती राज को कार्यवाही हेतु आवश्यक निर्देश दिया है। जिस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। इसके पूर्व नोडल अधिकारी प्रभारी मंत्री समेत जिलाधिकारी को शिकायत कर कार्यवाही करने की शिकायत कर चुका है। मांग किया कि लखनऊ की विशेष टीम द्वारा ही विकास कार्यो की जांच किया जाय जिससे ग्रामीणों को न्याय मिल सके तथा ग्राम के विकास की गति को जारी रखा जा सके।