बलिया। जलजीवन मिशन के तहत जनपद के 300 से ज्यादा गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए एलसी इंफ्रा कंपनी की ओर से पेयजल परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है। कंपनी ने 22 गांवों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया था। लगभग 68 करोड़ का प्रस्ताव एप्रूव कर जलनिगम की मऊ डिवीजन को भेज दिया गया था। वहां से तकनीकी कारणों से प्रस्ताव को रिजेक्ट कर वापस कर दिया गया है। अब इन प्रस्तवों को दोबारा से तैयार कर भेजना होगा। शासन की ओर से हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए जलजीवन मिशन की शुरुआत की गई है। पहले इस योजना का कार्य जल निगम के पास था। बाद में शासन की ओर से इस योजना का नोडल विभाग लघु सिंचाई को कर दिया था। योजना के तहत जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार जहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है और उन्हें दूर से पानी लाना होता है, उनके सर्वे का कार्य मेधज नाम की संस्था का सौंपा गया था। संस्था की ओर से सर्वे पूरा कर गांवों की लिस्ट देने के बाद एलसी इंफ्रा नाम की कंपनी को इन गांवों में पेयजल परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने के लिए कार्य सौंपा गया था। कुल 305 गांवों में डीपीआर तैयार की जानी है। इनमें एलसीइंफ्रा की ओर से पिछले दिनों 22 गांवों की डीपीआर तैयार कर जलनिगम को सौंपा गया था।
पाई गई यह कमी
बलिया। परियोजना की डीपीआर में आर्सेनिक, फ्लोराइड, या आयरन रिमूवल प्लांट लगाने का कार्य भी शामिल किया गया है। ये पानी की टेस्टिंग के आधार पर लगेगा। जिन 22 गांवों में परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की गई थी, उसमें सभी का डिस्चार्ज 400 एलपीएम दिखा दी गई थी। कहीं 500 तो कहीं 800 एलपीएम डिस्चार्ज हो सकता है। इस कारण मऊ डिवीजन ने इसे रिजेक्ट कर वापस कर दिया है। अब कंपनी इसे दोबारा से तैयार कर भेजेगी
बलिया में एलसी इंफ्रा कंपनी की ओर से जल जीवन मिशन के तहत 22 गांवों की डीपीआर तैयार कर भेजी गई थी। तकनीकी कमी से मऊ डिवीजन ने इसे रिजेक्ट कर दिया है। इसे फिर से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। - अंकुर श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, जल निगम