बेल्थरारोड। तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा गजियापुर के ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी को पत्र भेज चकबंदी प्रक्रिया में घोर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी विभाग के लोगों ने जन भावनाओं को दरकिनार कर मनमाने ढंग से चकबंदी कर दिया।
पत्र में उल्लेख किया है कि चकबंदी अधिकारी ने ग्रामीणों की सहमति के बिना गुपचुप तरीके से चकबंदी की प्रक्रिया पूरी कर खानापूर्ति कर दी। इसके बारे में ग्रामीणों को पूर्व सूचना भी नहीं दी गई। पत्र में कहा गया है कि मन चाहे ढंग से चकबंदी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद चकबंदी अधिकारी ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। इस पर ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताते हुए चकबंदी निरस्त कर नए सिरे से जन भावना के अनुरूप चकबंदी कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेताया की निरस्त कर नए सिरे से चकबंदी की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो इसके लिए ग्रामीण न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
मनमाने ढंग से चकबंदी का लगाया आरोप
बलिया। पूर्व सांसद बब्बन राजभर ने गजियापुर में मनमाने ढंग से चकबंदी किए जाने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने काली मां के मंदिर को एक खातेदार के चक में डाल दिया है। वहीं, समतल भूमि को जलभराव और जलभराव के स्थान को समतल में मिला दिया। उन्होंने पूरी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की, साथ ही कहा कि इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जनसहयोग से आंदोलन किया जाएगा।