चितबड़ागांव। थाना क्षेत्र के नफरेपुर गांव की राजभर बस्ती में रविवार की देर शाम दो परिवारों के बीच हुई मारपीट की घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस की महिलाओ से कहासुनी हो गई। आरोप है कि पुलिस ने जब महिलाओं को मारना शुरू किया तो विरोध में आसपास के लोगों ने पुलिस वालों को दौड़ा लिया। अपने को घिरता देख पुलिसकर्मी वहां से भाग खड़े हुए। घटना के बाद गांव में तनाव है। किसी भी ओर से न तो तहरीर दी गई है और न ही मुकदमा दर्ज है। उधर, पुलिस अफसर ऐसी किसी घटना के प्रति अनभिज्ञता जता रहे।
थाना क्षेत्र के नफरेपुर ग्राम सभा की राजभर बस्ती (मठिया) निवासी बबलू राजभर की पुत्री गीता का राम अवध राजभर के भांजे मनीष राजभर पुत्र सुरेन्द्र राजभर के साथ प्रेम प्रपंच चल रहा था। मनीष मूल रूप से गाजीपुर जनपद के गहमर थाना क्षेत्र का निवासी है और ननिहाल में रहता था। दोनों का प्रेम 18 जनवरी को खुलकर सामने आया तो परिजनों के दबाव में पुलिस और गांव के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में 19 जनवरी को दोनों का विवाह करा दिया गया। जिसका पंचायत नामा भी बनाया गया।
19 जनवरी की शाम मनीष, गीता को लेकर अपने मामा के घर पहुंचा। रविवार की शाम गीता की बड़ी बहन रजनी लड़के पक्ष की लड़की रूबी के कहने पर अपनी बहन से मिलने गई। जहां उसे गीता से मिलने नहीं दिया गया। जिसको लेकर रजनी और लड़के के पक्ष वालों में कहासुनी हो गई। लड़के पक्ष की महिलाओं ने रजनी को पीट दिया। इसकी सूचना किसी ने पुलिस को दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो पुलिस लड़के के घर पहुंच गई और महिलाओं को पीटना शुरू कर दिया। इस पर घर के महिला व पुरुषों के साथ ही पड़ोस के लोगों ने पुलिस को दौड़ा लिया। किसी तरह पुलिस वाले जान बचा कर भाग निकले। पीड़ित परिवार की महिलाओं का कहना है कि परिवार के सदस्य मजदूरी करने के लिए बाहर गए हुए थे। घर पर कोई पुरुष सदस्य नहीं था, जहां पुलिस ने तांडव किया। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं सोमवार की सुबह मनीष अपनी प्रेमिका को लेकर अपने गांव गहमर चला गया।
कोट
पुलिस के साथ कोई विवाद नहीं हुआ था। वह सब शराब पीकर आपस में तू-तू मैं-मैं किए हुए थे। यह देख पुलिस को हटा दिया गया।
मुहम्मद नसीम, क्षेत्राधिकारी सदर