घोघा। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर उत्तर कई किलोमीटर की परिधि में फैले सुरहा ताल पक्षी बिहार में सर्दी की शुरुआत के साथ ही प्रवासी पक्षियों के आने की सिलसिला भी लगभग शुरू हो गया है। हालांकि स्वच्छंद रूप से ताल के पानी में कलरव करने के लिए पहुंचने वाले विदेशी मेहमानों में से कितने सुरक्षित वापस लौटेंगे, यह स्थानीय लोगों और सुरक्षा के जिम्मेदारों पर निर्भर करेगा।
सालों से ठंड शुरू होते ही परदेश से हजारों किलोमीटर की दूरी से लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्रफल में पसरे सुरहा ताल में विदेशी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है । आने वाले परिंदे करीब एक डेढ़ दशक पहले यहां आने के बाद पूरी तरह महफूज रहते थे, ताल के किनारे स्थित गांव के बड़े-बूढ़े इन विदेशी मेहमानों को पानी में अठखेलियां करते देख रोमांचित हो जाते थे। लेकिन, इधर कुछ वर्षों के बीच लोगों ने इनका शिकार कर खाना और बेचना शुरु कर दिया। इस बात का असर इनके आवक पर भी पड़ा और कुछ नस्लों की पक्षियों तो यहां का रुख करना ही बंद कर दिया। हालांकि ताल में पानी कम होने से इनके आवक कम हो जाते हैं , इसलिए इस साल वर्षा कम होने के कारण मेहमानों विदेशी पक्षियों की संख्या में भारी कमी देखी जा रही है।