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Ballia News: बाढ़ प्रभावित 50 गांवों की 60 हजार की आबादी राशन, पानी के लिए तरस रही

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चक्की नौरंगा गांव में अवशेष बचे मकान को अपने आगोश में लेती गंगा नदी की बाढ़ की लहरें। जागरुक पा
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मझौवां/ दयाछपरा। गंगा नदी का जलस्तर धीमी गति से उतार पर है लेकिन बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। 50 गांवों में 60 हजार की आबादी के सामने राशन, पानी, पशु चारे व इलाज का संकट है। रविवार को चक्की नौरंगा में कटान थमने से लोगों ने राहत की सांस ली। बस्तियों के संपर्क मार्ग से बाढ़ का पानी खिसकने लगा है।
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जग छपरा, शुक्ल छपरा रामगढ़, सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, वंश गोपाल छपरा, मुरली छपरा पाण्डेयपुर, टेंगरही, भुआल छपरा, नौरंगा से गंगा की धारा लौटने लगीं हैं। प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के उदासीनता से बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश है। चक्की नौरंगा के विनोद ठाकुर, रवींद्र ठाकुर, संतोष ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, राजमंगल ठाकुर, संजय ठाकुर ने बताया कि जिस सड़क पर कभी गाड़ी दौड़ती थी, आज उस पर नाव चल रही है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर रविवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.220 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के जलस्तर में आधा सेमी प्रति घंटे के हिसाब से गिरावट दर्ज की जा रही है। फिलहाल नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 57.615 मीटर से 1.605 मीटर अधिक है।
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बाढ़ पीड़ितों के लिए संकट, पशुओं की स्थिति भी बदतर

मझौवां। बाढ़ प्रभावित इलाकों में दर्जनों पशु लंपी बीमारी का शिकार हो चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों द्वारा कोई टीकाकरण या इलाज की व्यवस्था नहीं की गई है। पीड़ित कमलबास ठाकुर, संतोष ठाकुर, भोला ठाकुर, देवेन्द्र ठाकुर, विनोद ठाकुर, शशि प्रकाश ठाकुर, राधेश्याम ठाकुर, मिथिलेश ठाकुर ने बताया कि हमारा दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है लेकिन इन बेजुबानों का बुरा हाल है। चिंतामणि राय के टोला निवासी धनेजर सिंह, राजेन्द्र मिश्र, रामाकांत ठाकुर आदि लोगों ने चिकित्सा विभाग से दवा वितरण कि मांग की है।
सरयू का जलस्तर बढ़ रहा
बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि हो रही है। हालांकि नदी का पानी अभी खतरे के निशान से नीचे है। फिर भी जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो जलस्तर लाल निशान तक पहुंच जाएगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की शाम जलस्तर 63.95 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.01 से 0.06 मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी जलस्तर में दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि का अनुमान है। ऐसे में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संवाद

चक्की नौरंगा गांव में अवशेष बचे मकान को अपने आगोश में लेती गंगा नदी की बाढ़ की लहरें। जागरुक पा

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