बैरिया। आम आदमी बीमा योजना के तर्ज पर भूमिहीनों के लिए लागू की गई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना व प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना फ्लाप साबित हो रही है। तहसील प्रशासन की उदासीनता के चलते भूमिहीनों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही। आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो अब तक सिर्फ 14172 भूमिहीनों का ही पंजीकरण किया गया। जबकि आश्चर्य की बात यह है कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत अब तक एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ।
केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत 50 से 59 वर्ष तक के भूमिहीनों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रुपया का लाभ उसके परिवार को देने का प्रावधान है। लेखपाल द्वारा भूमिहीनों का विवरण आनलाइन करने के बाद बीमा धारक को एलआईसी का प्रमाण पत्र भी दिया जाना है। लेकिन आंकड़ों की बात करें तो तहसील प्रशासन एक वर्ष के अंतराल में अब तक प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत सिर्फ 14,172 भूमिहीनों का ही पंजीकरण किया गया है। जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत एक भी भूमिहीन का पंजीकरण नहीं किया है। तहसील क्षेत्र में 164 मौजा के करीब 01 लाख 68 हजार 0878 किसान हैं। वहीं 03 लाख 44 हजार 179 मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में है। जबकि करीब 01 लाख 75 हजार 295 भूमिहीन हैं। लेकिन तहसील प्रशासन भूमिहीनों को केन्द्र सरकार की योजना का लाभ देने में रुचि नहीं दिखा रही है। ऐसे में अचानक दुर्घटना के शिकार होने के बाद भूमिहीन परिवारों के एक-एक रुपये के लिए भटकना पड़ेगा। जबकि केन्द्र सरकार ऐसे गरीब परिवारों के संकट के समय योजनाओं का लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है।