हनुमानगंज। भरतपुरा गांव में सेवा भारती द्वारा चलाए जा रहे पंडित दीन दयाल उपाध्याय बाल संस्कार केंद्र पर गुरु गोविंद सिंह जयंती और मकर संक्रांति की पूर्व बेला पर सह भोज कर आयोजन किया गया। विभाग प्रचारक ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जैसा संपूर्ण त्याग करने वाले भारत जैसी पवित्र धरा पर ही जन्म लेते हैं। इस मौके पर गुरु गोविंद सिंह के पद चिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
प्रांतीय सेवा सह प्रमुख करुणेश ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने मुगल आक्रांताओं से त्रस्त हो रही समाज की परिस्थितियों को मोड़ने का प्रयास किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. राम कृष्ण उपाध्याय ने मकर संक्रांति को अच्छे दिनों के शुभारंभ का अवसर बताते हुए गुरु गोविंद सिंह के लिए कवि अल्ला यार खां योगी की पंक्ति इंसाफ करे जी में जमाना तो यकीं है, कहीं दे गुरु गोविंद का सानी ही नहीं है, को याद करते हुए गुरु गोविंद सिंह जी के पद चिह्नों पर चलने का आह्वान किया। जिला कार्यवाहक हरेराम ने भी विचार रखे। इस अवसर पर गरीब परिवार की महिलाओं को कंबल तथा बच्चों को ऊनी वस्त्रों का वितरण किया गया। साथ ही मुख्य शिक्षिका ज्योति तथा सह शिक्षक रोहित को अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. विभा चतुर्वेदी, पूनम सिंह, सोनी, विष्णु मालवीय, अजीत मिश्रा, राजा बाबू, डॉ. संतोष, तारकेश्वर, नीरज, मोहन, सुनील आदि रहे। त्रिलोकी सर्राफ ने आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।