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एक संविधान है,तो दोहरी शिक्षा प्रणाली का क्या औचित्य है: राधेश्याम

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बेल्थरारोड। जिला पंचायत के डांक बंगले में सोमवार को सब की शिक्षा एक समान कार्यक्रम के तहत गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में वक्ताओं ने समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।
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गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य राधेश्याम यादव ने शिक्षा के असमान व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक देश में एक संविधान है, तो दोहरी शिक्षा प्रणाली का क्या औचित्य है। देश की पंचायत में बैठे लोगों और ऊंचे ओहदे वाले लोगों के बच्चे जब उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ेंगे, वहीं कम पैसे वालों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, तो शिक्षा एक समान कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक धनाढ्य और जनप्रतिनिधि, अधिकारी, निर्धन तबके के सभी बच्चे एक स्कूल में नहीं पढ़ेंगे तब तक शिक्षा समान नहीं हो सकती। इस मौके पर खालीद जहीर, बागीश पांडेय, प्रशांत रंजन, विनोद मानव, अरशद हिंदुस्तानी, बलवंत भारद्वाज, अनूप सिंह,सतीश मौर्य, जुगल किशोर मक्की अजीज आदि लोग उपस्थित रहे।
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