बलिया। बोर्ड परीक्षा शुरू होने में केवल तीन दिन बचे हैं। इस बात की बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं कि परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर गलत विषय या लिंग अंकित कर दिए गए हैं। ऐसा शिक्षकों की लापरवाही के कारण हुआ है। इसको लेकर परीक्षार्थी परेशान हैं कि जिस विषय को पढ़ा ही नहीं उसकी परीक्षा कैसे देंगे। हालांकि इस बार बोर्ड की ओर से इसके बाबत डीआईओएस को निर्देश जारी किए गए हैं। अब तक डीआईओएस कार्यालय को लिंग परिवर्तन से संबंधित आधा दर्जन शिकायतें मिली हैं, जिसके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। विभाग का दावा है कि लिपिकीय त्रुटियों के चलते परीक्षार्थियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जिले में छह फरवरी से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। जनपद में कुल 274 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। विद्यालयों की ओर से परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराए गए प्रवेश पत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां मिल रही हैं। कई छात्र-छात्राओं के लिंग परिवर्तन होने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। छात्र का लिंग परिवर्तन के कारण जहां होम सेंटर हो गया है वहीं छात्रा का लिंग परिवर्तन होने के कारण उनका परीक्षा केंद्र गैर स्कूल पर हो गया है। इसी तरह कई छात्र-छात्राओं के विषय में भी परिवर्तन हो गया है। इसके चलते इन छात्र-छात्राओं के सामने संकट की स्थिति की आ गई है कि जिस विषय को उन्होंने पढ़ा ही नहीं उसकी परीक्षा कैसे देंगे। इसी तरह कई परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं होने की भी शिकायतें मिल रही हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक की मानें तो विषय बदलने से संबंधित कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है लेकिन लिंग परिवर्तन के बाबत रामनगीना इंटर कॉलेज पलिगरा बढ़वलिया के छह छात्रों की ओर से की गई है। इस कॉलेज के छात्र अमित राय, मनोज कुमार, अनिल गोंड ने बताया कि उनका लिंग महिला अंकित किया गया है और परीक्षा केंद्र स्वकेंद्र हो गया है। बताया कि इसमें सुधार नहीं किया गया तो प्रमाण पत्र भी गलत ही जारी हो जाएगा। इसी कॉलेज की छात्रा अंकिता यादव, रोशनी यादव व रंजना यादव ने बताया कि प्रवेश पत्र पर उनका लिंग पुरुष अंकित है और इसके चलते उनका परीक्षा केंद्र करीब आठ किमी दूर हो गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि इस समस्याओं के बाबत बोर्ड की ओर से निर्देश प्राप्त हो चुका है। बताया कि विषय या लिंग परिवर्तन की शिकायतों पर इसे संशोधित कर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। बताया कि छात्र को संबंधित परीक्षा केंद्र पर जाने की व छात्राओं को स्वकेंद्र या संबंधित स्कूल के परीक्षा केंद्र नहीं होने पर जहां केंद्र तय है वहां परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। इसी तरह जिन परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर फोटो प्रदर्शित नहीं हैं तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य उनके फोटो प्रमाणित कर संबंधित परीक्षा केंद्र पर भेजते हुए परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठने की संस्तुति करेंगे।
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लिपिकीय त्रुटियों के चलते प्रवेश पत्र पर हुए गलत अंकन के बाबत शिकायतें मिल रही हैं। संबंधित अंकन को संशोधित कर परीक्षार्थियों को परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। कोई भी परीक्षार्थी गलत अंकन के कारण परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
= अमर नाथ राय
जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया