बलिया। मनरेगा कार्यों में कई ब्लाकों ने लापरवाही बरती है। कार्यों के सापेक्ष कम मस्टर रोल जारी करने समेत अन्य कमियां मिलने पर डीएम ने 13 बीडीओ को नोटिस जारी कर कार्य में तेजी लाने और ऐसा नहीं होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने की चेतावनी दी है।
मनरेगा कार्यों में सुस्ती को लेकर शासन ने आला अफसरों को काफी फटकार लगाई है। इसके देखते हुए कुछ दिनों पहले उन्होंने बैठक कर मनरेगा कार्यों की मॉनीटरिंग की जिसमें कई ब्लाकों में सुस्ती व लापरवाही मिली। शासन की ओर से मनरेगा के तहत वर्ष 2017-18 में कुल 32.70 लाख मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नवंबर माह तक 21.78 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य था। लेकिन ब्लाक स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लक्ष्य के सापेक्ष 19.52 लाख मानव दिवस की सृजित हो सके है। इसमें सबसे कम लक्ष्य के सापेक्ष मुरलीछपरा ब्लाक में 33 फीसदी ही है। मॉनीटरिंग में यह भी सामने आया कि शासन की ओर से 98.84 फीसदी जॉब कार्डों के सत्यापन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन 13 ब्लाकों में लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। प्रधानमंत्री आवास योजना में कुल आवास 14441 के सापेक्ष पोर्टल पर केवल 10763 आवास ही स्वीकृत प्रदशित हो रहे हैं और 13 ब्लाकों में 30 फीसदी से कम मस्टर रोल जारी किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2017-18 में मनरेगा के तहत हुए कुल भुगतान 3283.46 लाख के सापेक्ष 2352.33 लाख यानि 71.64 फीसदी भुगतान विलंब से किया गया है। मनरेगा कार्यों को लेकर की इस तरह की लापरवाही को देखते हुए डीएम ने 13 बीडीओ को नोटिस जारी किया है। डीएम ने यह भी चेतावनी दी है कि मनरेगा कार्यों में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए ग्राम्य विकास के प्रमुख सचिव को संस्तुति भेज दी जाएगी। यूके पाठक, उपायुक्त मनरेगा ने बताया कि कुछ दिनों पहले जिलाधिकारी ने मनरेगा कार्यों की समीक्षा की जिसमें कई ब्लाकों में कमियां मिलीं। जिलाधिकारी की ओर से 13 ब्लाकों के बीडीओ को नोटिस जारी किया गया है।