सिकंदरपुर। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम व पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने गुरुवार व शुक्रवार को सिकंदरपुर कस्बे का भ्रमण कर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारी द्वय ने बाजार में घूम-घूमकर व्यवसाइयों, दूकानदारों तथा आम लोगों से कस्बा में अमनचैन बनाए रखने की अपील की।
डीएम ने कहा कि आप सभी लोग अपनी-अपनी दूकानें खोलें और मन से भय निकाल कर अपने व्यवसाय में लग जाए। इसके साथ ही बच्चों को विद्यालय भेजें तथा जो लोग अपने घरों से बाहर गए हैं उन्हें वापस बुलाए। यदि आने में कोई देरी हो तो अपने पड़ोसियों को जरुर बता दें कि किन कारणों से नहीं आ पा रहे हैं। डीएम ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करके फेसबुक, व्हाट्स एप व विभिन्न माध्यमों से प्राप्त वीडियो क्लिपिंग्स का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। घटना के लिए वास्तविक उपद्रवियों का चिह्नांकन अंतिम चरण में है। वह किसी भी स्थिति में बच नहीं पाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि कस्बा में शांति व सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें। कहा कि जिसके परिवार के लोगों ने उपद्रव किया है, कानून उन्हें छोड़ेगा नहीं। किसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो और कस्बे का अमनचैन बना रहे। इसके लिए सभी लोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
जुमा की नमाज को लेकर रही चौकसी
सिकंदरपुर। विजयादशमी और ताजिया जुलूस के दौरान सिकंदरपुर कस्बा में हुए दंगे के भय के कारण मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग घर छोड़कर किसी रिश्तेदार के यहां चले गए थे, जो प्रशासन के अपील व सुरक्षा के बाद वापस लौट आए और कुछ आ रहे है। जुमे की नमाज के चलते कस्बा के प्रत्येक गली, मुहल्ला, चौराहा, सार्वजनिक व धार्मिक स्थानों पर पुलिस फोर्स चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही। मस्जिदों में लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। बावजूद दोनों समुदाय के लोगों के अंदर भय साफ दिख रहा था। जबकि प्रशासन कस्बा में अमरनचैन स्थापित करने तथा घर छोड़कर गए लोगों को वापस लाने में रात दिन एक किए हुए है।