जयप्रकाश नगर। समाजवादी चिंतक जेपी के गांव जयप्रकाश नगर में शराब दूकान फूंके जाने के मामले में सोमवार को एसडीएम अरविंद कुमार और एसओ अविनाश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और मैनेजर से बातचीत की। शराब दूकान के मैनेजर से दूकान का कागजात मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा पाए। मैनेजर का कहना था कि कागजात आग में जल गए। इस पर अधिकारियों ने कहा कि शराब की दूकान का कागजात दिखाने के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि यहां किसी भी सूरत में शराब की दूकान नहीं खोलने देंगे।
जयप्रकाश नगर में पिछले माह शराब की दूकान खुली थी। इसे बंद कराने के लिए ग्रामीणों ने संबंधित विभाग व उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण ग्रामीणों का गुस्सा रविवार की देर शाम उग्र हो गया। इसी बीच किसी ने उक्त शराब की दूकान में आग लगा दी।
ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दूकान को जेपी की धरती से हटाने के लिए विगत एक माह से पंचायत चल रही थी। बार-बार कहने के बावजूद भी प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसको लेकर रविवार को गांव में बैठक की गई। जिसमें मैनेजर को बुलाकर ग्रामीणों ने एक स्वर से कहा कि यहां आज तक कोई शराब की दूकान स्थापित नहीं हुई है। इसलिए आप शराब की दूकान हटा लें। लेकिन शराब दूकान के मैनेजर दबंगई भाषा का प्रयोग कर गांव के लोगों को ही धमकाने लगा, जो ग्रामीणों को नागवार गुजरी थी।
गौरतलब है कि इसी मार्ग से सिताबदियारा की तमाम छात्राएं जीजीआईसी जयप्रकाशनगर में प्रतिदिन पढ़ने जाती हैं। इसके अलावा सुबह-शाम महिलाएं इसी मार्ग पर टहलने काम करती हैं। इन बातों का ख्याल भी संबंधित लोगों को नहीं था। गांव के लोगों का कहना है कि मोदी सरकार ने बिहार सीमा के लाला टोला में राष्ट्रीय जेपी स्मारक की घोषणा की है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर शोध-अध्ययन एंव राष्ट्रीय ध्वज निर्माण केंद्र भी खोलने की तैयारी में है। इस स्थान को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का तीर्थ भी कहा जाता है।