बैरिया। सरयू नदी की कटान से वशिष्ठ नगर और गोपाल नगर पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है रोज 50 एक जमीन नदी में समा रही। शुक्रवार को कटान स्थल पर जिला प्रशासन, शासन, जनप्रतिनिधियों और बाढ़ विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने नारेबाजी की। इसके बाद पीपल के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू नहीं कराया तो उनका धरना आमरण अनशन में बदल जाएगा। उत्तरी दियरांचल के वशिष्ठ नगर, धूपनाथ के डेरा, गोपाल नगर, शिवाल मठिया, चाई छपरा, अधिसिझुआ और बकुलहा के सामने सरयू नदी लगातार कटान कर रही है।
इनमें गोपाल नगर और वशिष्ठ नगर के सिवान पर स्थिति सबसे अधिक गंभीर हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार नदी अब बस्ती से महज 50 मीटर दूर रह गई है। यदि नदी इतनी ही और आगे बढ़ी तो सैकड़ों मकान कटान की जद में आ जाएंगे ।
पूर्व प्रधान अर्जुन यादव, सुनील यादव, निर्मल यादव, बीलर यादव, राम प्रकाश यादव, जय नारायण यादव, चंद्रदेव यादव, पप्पू यादव समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब तक न तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर पहुंचा है, न ही बाढ़ विभाग का कोई जिम्मेदार। विधायक जयप्रकाश अंचल और सांसद सनातन पांडेय से कई बार कटान स्थल का निरीक्षण करने तथा शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने की मांग की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ विभाग के अधिकारी भी कटान स्थल से दूरी बनाए हुए हैं। उन्हें शायद तबाही का इंतजार है, ताकि गांव उजड़ने के बाद राहत और
बचाव कार्य शुरू किया जा सके।