जिले में गुरुवार रात और शुक्रवार को विशुनपुरा, आमदौर और रेगहां गांव में आग लगने से 47 झोपड़ियां राख हो गईं। इनमें लाखों का सामान भी नष्ट हो गया। ज्यादातर पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए।
सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड के नहीं पहुंचने पर पंपिंग सेट चलाकर आग बुझाई गई। गौरतलब है कि जिन गांवों में आग से झोपड़ियां जलीं वह गांव बाढ़ में कटान से पीड़ित हैं, इसके चलते अधिकांश लोग झोपड़ी बनाकर ही रहते हैं। आग लगने से गांव वासियों की गृहस्थी स्वाहा हो गई।
विशुनपुरा के धुरेंद्र शाह की झोपड़ी में शुक्रवार को किसी वजह से आग लग गई। इसके चलते नन्हक शाह, छितेश्वर शाह, अमर शाह, जितेंद्र शाह, बच्चन शाह, हीरालाल, अनिल, सुभाष, मंगरू, झगड़ू, राजेश, विनोद, नंदू, बैजू, कुंदन, शिवजी, कृपाशंकर, महाज्ञान, विंदादेवी, मुन्ना, बुधन, गौरीशंकर, हीरामन, राहुल, रामनाथ समेत 27 लोगों की 36 झोपड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं।
घटना में हजारों रुपये नकदी, दर्जनभर साइकिल और लाखों का सामान नष्ट हो गया। एसडीएम बैरिया देवेश कुमार गुप्त, तहसीलदार श्रीप्रकाश सिंह, बैरिया पुलिस ने मुआयना किया। बांसडीह कोतवाली के रेगहां में परमात्मा गोंड के मड़हे में किसी कारण से आग लग गई।
इसके चलते राजबली, रीना, सोनू की भी झोपड़ियां और सामान जल गए। सीमा, परमात्मा की दो-दो झोपड़ियां, नकदी जल गए। बांसडीहरोड के आमदौर में गुरुवार रात विनोद चौहान और सुदामा गोंड की झोपड़ियां, नकदी और सामान जल गया।