गेहूं क्रय की तिथि समाप्त हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से हजारों से किसानों की खरीद नहीं हो सकी। कई किसान टोकन लेकर क्रय केंद्रों का चक्कर लगाते रह गए। अधिकांश क्रय केंद्रों पर धांधली के कारण किसान सरकारी लाभ से वंचित हो गए। जारी टोकन के अनुसार कुल 4310 टोकन वाले किसानों के गेहूं की खरीद नहीं हो सकी, जबकि अधिकारियों ने बिना टोकन वाले 6223 किसानों से खरीद की है।
किसानों को अनाज का माकूल मूल्य दिलाने को लेकर शासन के निर्देश पर जिले में कुल 71 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए थे। इसमें मार्केटिंग विभाग के 25, पीसीएफ के 40, मंडी समिति के चार और एफसीआई के दो क्रय केंद्र थे। इन केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं खरीदने का निर्देश था। धरातल पर इन केंद्रों के संचालन में खूब लापरवाही बरती गई। इसी बीच कोरोना काल चला और कर्मी व अधिकारी संक्रमित हो गए जिससे खरीद का काम प्रभावित हुआ। रही सही कसर पंचायत चुनाव ने पूरी कर दी और अधिकांश इलाकों खरीद का काम नहीं हो सका। मई महीने मेें भी क्रय केंद्रों का संचालन मनमानी तरीके से ही हुआ और अधिकांश केंद्रों पर खरीद का काम तब शुरू हुआ जब किसानों ने हंगामा किया।
बैरिया क्षेत्र में तो सत्ता पक्ष के विधायक को ही धरने पर बैठना पड़ा तब जाकर गेहूं की खरीद शुरू हो सकी। 15 जून तक शासन की ओर से खरीद की तिथि निर्धारित थी, लेकिन किसानों की भीड़ को देखते हुए 22 जून तिथि बढ़ाई गई। यह भी किसानों को राहत नहीं दे सकी। किसानों की ओर से बार-बार बिचौलिए गेहूं खरीदे जाने के आरोप भी लगे लेकिन अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया। गेहूं खरीद के लिए जारी कुल टोकन 19560 के सापेक्ष कुल 15250 टोकन वाले किसानों की ही खरीद हुई। पंजीकृत कुल 30243 किसानों के सापेक्ष मात्र 19560 किसानों को ही टोकन जारी किए गए। बिना टोकन वाले 6223 किसानों से गेहूं की खरीद की गई।
अब तक की गई खरीद- 87635.625 मी. टन
गेहूं बेचने के लिए पंजीकृत किसान- 30243
खतौनी में मिसमैच से लंबित सत्यापन- 1988
100 क्विंटल से अधिक वाले किसानों के लंबित सत्यापन- 564
बैंक खाता सत्यापन में लंबित- 366
खरीद के लिए सत्यापित किसानों की संख्या- 27646
कुल जारी टोकन- 19560
टोकन से खरीद- 15250
बिना टोकन से खरीद- 6223
सभी केंद्रों पर नियमानुसार खरीद की गई। बाजार दर से एमएसपी काफी अधिक होने के कारण केंद्रों पर किसानों की भीड़ हो गई। कोई किसान केंद्र से नहीं लौटे इसके चलते बिना टोकन वाले किसानों के गेहूं की खरीद की गई।
- अविनाश चंद सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया