गड़वार। कस्बा के ऐतिहासिक रामलीला के क्रम में शुक्रवार की रात परशुराम-लक्ष्मण व राम विवाह का भावपूर्ण मंचन किया गया। लीला के मुख्य अतिथि समाजसेवी अंजनी कुमार गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाध्यापक पारसनाथ वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर रामलीला का शुभारंभ किया। राम बारात निकलते ही कस्बा के कई स्थानों पर बारातियों का स्वागत किया गया।
स्वयंवर में भाग लेने के लिए देश- देशांतर के राजा-महाराजाओं का जनकपुर में जमावड़ा हुआ। विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण भी पहुंचे। स्वयंवर हाल में शिवजी का विशाल धनुष रखा गया था। कुछ समय के पश्चात राजा जनक स्वयंवर हाल पहुंच घोषणा की, कि जो भी शिव धनुष को तोड़ेगा,उसी के गले में सीता वरमाला डालेंगी। विश्वामित्र की आज्ञा पाकर राम आसन से उठे और पलक झपकते ही शिव धनुष को तोड़ डाला। धनुष टूटते ही जनकपुर में खुशी की लहर दौड़ गयी। मांगलिकगीतों के बीच सीता ने राम के गले में वरमाला डाल दी, उसी समय फरसा लहराते हुए अचानक परशुराम स्वयंवर हाल पहुंचे। उन्होंने कड़क आवाज में शिव धनुष तोड़ने वाले के बारे में पूछा। इस दौरान लक्ष्मण और परशुराम के बीच जमकर संवाद होता है। अंतत: परशुराम ने राम की स्तुति करने के बाद तपस्या करने को प्रस्थान कर दिए। रामलीला के अध्यक्ष पूर्व जिला पंचायत सदस्य अमित सिंह कल्लू, राकेश सिंह, राधामोहन गुप्ता, अमरेश सिंह, राकेश मौर्य, जुलूम सिंह आदि रहे। संचालन मोहन सिंह व पूर्व प्रधान विवेक शंकर गुप्ता ने किया।