बलिया। मुजफ्फरपुर और देवरिया में बालिका संरक्षण गृह में शोषण के मामले उजागर होने पर ऐसे गृहों में सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इस बीच देवरिया की बालिका गृह से शुक्रवार को सात बच्चियों को बलिया के निधरिया स्थित राजकीय बालिका गृह में शिफ्ट किया गया। लिहाजा अब पहले से ज्यादा चौकन्ना हो गया है प्रशासन । बालिका गृहों पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इन तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद बलिया के निधरिया स्थित बालिका गृह में असुरक्षा का आलम है। क्योंकि इन सात लड़कियों को यहां आने के बाद मानक से अधिक लड़कियां यहां हो गई हैैं।
प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी एके पांडेय ने बताया कि कमियों के बीच सबसे ज्यादा परेशानी यहां सुरक्षा को लेकर है। आसपास का इलाका पूरा वीरान है। कभी-कभी अराजक तत्वों का बाहर मंडराना और बगल के गोदाम की दीवार पर बैठना भी परेशानी का सबब बना हुुआ है। शुक्रवार को देवरिया बालिका गृह से सात लड़कियों को यहां शिफ्ट कराया गया। उनके लिए बिस्तर, कपड़ा आदि हर चीजों की व्यवस्था मुकम्मल कर दी गई है। बताया कि बालिका गृह में कुल मानक 50 लड़कियों का है। बावजूद इसमें 57 लड़कियां पहले से थी। अब सात और बढ़ जाने से अब संख्या कुल 64 हो गई है। बताया कि शासन को इसकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए पत्राचार किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो यहां कुल 12 कर्मचारी तैनात हैं, जिसमें छह पुरूष तथा छह महिला होमगार्ड की तैनाती है। ये अंदर की सुरक्षा के लिए हैं।