बलिया। जल निगम की उदासीनता का आलम यह है कि 48 घंटे में भी लीकेज की मरम्मत न कर पाने के कारण पूरे बहेरी मुहल्ले में पानी के कारण हाहाकार मच गया है। घनी आबादी के बीच 10 प्रतिशत समरसेबुल और 20 प्रतिशत घरों में ही हैंडपाइप होने के कारण शेष 70 प्रतिशत लोगों का सहारा एक मात्र सप्लाई पानी है। ऐसे में दो दिनों से लोग पानी बिना बेहाल हो गए हैं। शनिवार को भी देरशाम तक कर्मचारी लगे रहे।
जल निगम की उदासीनता का आलम यह है कि बुधवार की रात को बहेेरी में सप्लाई पानी के मुख्य पाइप लीकेज हो गई थी। जिसके बाद गुरुवार की सुबह के वक्त टंकी से पानी छोड़ जाने के पश्चात पूरे बहेरी मुहल्ला पानी-पानी हो गया था। इसी दिन सुबह ही स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम से कर्मचारी तथा जल निगम के एक्सईएन अलाउद्दीन खां को अवगत कराया। बावजूद दिनभर कोई कर्मचारी का अतापता नहीं रहा, लिहाजा पानी दिनभर उसी तरह बहता रहा। वहीं लोगों के घरों तक पानी तो गया, लेकिन न के बराबर। क्योंकि सारा पानी तो बाहर ही बह रहा था। शुक्रवार की सुबह मिस्त्री आए वह भी दस बजे के बाद, चूंकि बहाना सीमेंटेड रोड है, इसलिए दिनभर लगा दिए। अंतत: लीकेज का कही अता-पता नहीं चला। वहीं पूरे दिन पानी सप्लाई बंद कर दी गई थी। जिससे दिनभर लोग पानी के लिए तरस गए। रात के वक्त फिर वही हुआ पानी छोड़ा गया तो पानी नल से न के बराबर गिरा, हालांकि तुरंत ही बिजली चली गई। इसलिए पानी की उम्मीद ही बेकार थी। लोगों को लगा कि शनिवार की सुबह जल्द ही मरम्मत हो जाएगी, लेकिन जल निगम आउट सोर्सेस से लगाए गए कर्मचारी दिनभर उसी में लगा दिए। जिसके चलते शनिवार को भी दिन भर लोगों को सप्लाई पानी नसीब नहीं हुआ। अलाउद्दीन खां का कहना है कि मौके पर मिस्त्री लगा दिया गया है, जल्द ही लीकेज की मरम्मत कर पानी आपूर्ति व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।