क्षेत्र के मां काली स्थान पर बुधवार की रात चैत्र शुक्ला द्वादशी को तीन गोला शानदार चैता का आयोजन किया गया, जिसमें इसरपुरा बिहार के जितेंद्र सिंह, बलिया पचरुखिया के उपेंद्र सिंह एवं वीरेंद्र ठाकुर के बीच चैता का मुकाबला हुआ।
सर्वप्रथम बिहार के भोजपुरी व्यास जितेंद्र सिंह ने मां शारदा की वंदना से चइता का शुभारंभ किया। इसके बाद तीनों गायकों ने अपनी भोजपुरी शैली की मिठास तबला, हारमोनियम, ढोल, मजीरे के स्वर लहरियों को छेड़ते रहे और ग्रामीण तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत करते रहे। जितेंद्र सिंह ने राम जी जन्मले चइत में हो रामा, राम नवमी दिनवा गाकर सुनाया। वहीं उपेंद्र व्यास ने प्रेम रस से भरी पियरी ना पहिरबी हो रामा, पेन्हबो कुसुम रंग साड़ी, चोलिया बुटीदार गाकर वाह वाही लूटी। वहीं वीरेंद्र व्यास ने बाजेला थरिया हो रामा बाजेला थरिया हो। बाजे ला थरिया पितरिया हो रामा दसरथ अटरिया गाकर उपस्थित जन समुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। तीनों गायक रामचरित मानस के छंद व दोहो को मिलाकर पूरी रात चइता के आनंद में गोता लगाते रहे। इस मौके पर आयोजक मंडल के अनिल पांडेय , हरेराम पांडेय, अंजनी पांडेय , हरेंद्र पांडेय, करीमन पांडेय, रवींद्र मिश्र, अर्जुन साह, रिपुंजय पांडेय, दुर्गा शंकर पांडेय, नीलू पांडेय समेत सैकड़ों चइता प्रेमी उपस्थित रहे।