बलिया। कमिश्नर के रविन्द्र नायक ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद, बिजली, स्वास्थ्य व ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारियों संग बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बिजली व ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों पर असंतोष जताया और सम्बन्धित अधिकारियों को सुधार लाने की चेतावनी दी।
मंडलायुक्त ने धान खरीद की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश दिया। कहा कि किसानों का भुगतान समय से हो जाए, इसकी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। चेताया कि किसान को स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की परेशानी हुई तो डिप्टी आरएमओ की जिम्मेदारी तय होगी। किसान अगर क्रय केंद्र से वापस हुआ या किसान की गाड़ी क्रय केंद्र पर अनावश्यक खड़ा कराई गई तो सम्बन्धित क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि धान खरीद के लिए धन की उपलब्धता पूरी होनी चाहिए। कमिश्नर ने सभी क्रय केन्द्रों पर लगातार नजर रखने को कहा।
बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार करें। कहा कि पम्प कैनाल पर बिजली सम्बन्धी समस्याएं नहीं रहे। बिजली चोरी रोकथाम के लिए जिन पर एफआईआर हुए उसमें हुई कार्रवाई के बाबत पूछताछ की। कहा कि अगर कोई भुगतान करना चाहता है तो समाधान योजना में निस्तारित कराएं। अन्यथा कुछ बकायेदारों को जेल भिजवाएं। स्वास्थ्य महकमे के साथ बैठक कर योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया कि मिशन इन्द्रधनुष के तहत टीकाकरण की प्रगति ठीक नहीं है। अधिकारियों ने इसके लिए सीएचसी-पीएचसी व ग्राम स्तर के कर्मियों की लापरवाही बताई। मंडलायुक्त ने ऐसे लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई कर अवगत कराने का निर्देश दिया। ब्लड बैंक में ब्लड की उपलब्धता की समीक्षा में निगेटिव ग्रुप के ब्लड की कमी की जानकारी होने पर डिग्री कालेजों व अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से कैम्प लगाने को कहा।
ग्राम्य विकास के कार्यों की भी समीक्षा के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति व मनरेगा के तहत भुगतान में देरी पर नाराजगी जताते हुए डीसी मनरेगा व परियोजना निदेशक को फटकार लगाई। एक सप्ताह में सुधार नहीं होने पर शासन को शिकायत भेजने की चेतावनी दी। उन्होंने पीएम आवास योजना में पहली किस्त जारी होने की बाद भी शत प्रतिशत मस्टर रोल जारी नहीं होने पर सवाल किया। अनियमितता की शिकायत सही मिलने पर मुकदमा दर्ज कर तत्काल जेल भेजने की कार्रवाई का निर्देश जिलाधिकारी व सीडीओ को दिया। यह भी कहा कि हर ब्लॉक में पीएम आवास के निर्माण की प्रगति की जांच कराएं और कार्य नहीं मिलने पर कार्रवाई भी करें।