सहतवार। बिजली व्यवस्था को लेकर योगी सरकार के फरमान आज भी फ्लाप साबित हो रहा है। अपने फरमान में उन्होंने 18 से 20 घंटे देहातों में तथा 24 घंटे शहरों को बिजली सप्लाई की बात कही है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर ही जले ट्रांसफार्मरों को भी बदलने का आदेश है। लेकिन उनका फरमान का किसी स्तर पर पालन नहीं किया जा रहा है।
पावर हाउस की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है बिजली समय से सप्लाई नहीं हो पा रही है। इस पावर हाउस के अंडर में दो फीडर है, एक देहात और एक टाउन एरिया। स्थिति यह है कि जब देहातों की सप्लाई दी जाती है तो टाउन एरिया की सप्लाई बंद की जाती और जब टाउन एरिया की सप्लाई दी जाती है तो देहात की सप्लाई बंद कर दी जाती है। सप्लाई की इस रोस्टर से नाराज उपभोक्ता में आक्रोश व्याप्त है, बिजली से होने वाले सारे काम ठप हो गए हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर इस समस्या को तीन दिन के अंदर ठीक नहीं की गई तो बाध्य होकर पावर हाउस पर जा कर तालाबंदी की जाएगी। बांसडीह एसडीओ एमपी पटेल का कहना है कि पावर हाउस के ट्रांसफार्मर में तेल की कमी से यह समस्या आ रही हैं। उच्चाधिकारियों तक इस समस्या की जानकारी दी जा चुकी है, बहुत जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
पिछले एक हफ्ते से विद्युतापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। अघोषित विद्युत कटौती के चलते लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई है। नगरीय क्षेत्र में 20 और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति का सरकारी दावा सतही धरातल पर हवा-हवाई साबित हो रहा है। आपूर्ति की बदहाल स्थिति से लोग आजिज आ चुके हैं । 24 घंटे में कुल मिलाकर 10 -12 घंटे आपूर्ति हो रही है। जबकि इस दौरान दर्जनों बार बिजली की आवाजाही बनी रहती है। एसडीओ मिथिलेश यादव ने बताया कि उत्पादन में गिरावट के चलते आपूर्ति में व्यवधान हो रहा है। नगरीय क्षेत्र के विद्युत सब स्टेशन को खींचे गए लाइन के आसपास आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न करने वाले पेड़ों की डालों की कटाई शीघ्र कराई जाएगी, ताकि आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त हो सके।