सिकंदरपुर। दो चिकित्सकों के भरोसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पर चल रहा है। ओपीडी के साथ ही इमरजेंसी ड्यूटी भी चिकित्सकों को करनी पड़ रही है। उच्चाधिकारियों से कहने के बावजूद अब तक समस्या का निदान नहीं किया गया। इसको लेकर चिकित्सकों में खासी नाराजगी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर में नौ चिकित्सक का मानक है। लेकिन वर्तमान में प्रभारी सहित तीन चिकित्सक तैनात हैं। जबकि दो चिकित्सक ओपीडी भी देखते हैं और इमरजेंसी भी देखते हैं। चिकित्सकों की माने तो लगातार ड्यूटी करने से मानसिक तनाव के साथ ही स्वास्थ्य भी खराब होता जा रहा है। बार-बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी चिकित्सक की तैनाती नहीं की जा रही है। मालूम हो कि कुछ दिनों पहले मरीजों ने इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान चिकित्सक के नहीं होने पर हो हल्ला किया था। लेकिन जब उन्हें चिकित्सक के स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी हुई तब वह शांत हुए थे। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में इमरजेंसी में चिकित्सक व मरीजों के तीमारदारों में मारपीट की नौबत भी आ सकती है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार तिवारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है।