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जीएसटी के दिक्कतों के साथ कारोबार पर भी असर

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बलिया। केंद्र सरकार ने पिछले एक जुलाई को जीएसटी को लागू कर दिया। कई परेशानियों की वजह से पंजीकरण धीमी गति से हो रही है। हालांकि लोग इसको लेकर काफी सशंकित नजर आ रहे है। राज्य कर एवं माल कर विभाग ने व्यापारियों के लिए हेल्पडेस्क बनाया है। अबतक कुल 5780 व्यापारियों ने जीएसटी में पंजीकरण कराए है।
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सूबे की सरकार ने जीएसटी में पंजीकरण कराने का समय तीन माह और बढ़ा दिया है। जिससे विभागीय अधिकारियों के साथ ही व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। विभागीय सूत्रों की माने तो कुल 7210 व्यापारियों को प्रोविजनल आईडी भेजा गया था। जिसमें से 15 जून तक 5083 व्यापारियों ने अपना पंजीकरण कराया था। जबकि 15 जून के बाद सरकार ने 25 जून से पुन: पंजीकरण के लिए तीन माह का समय बढ़ा दिया था। जिसके बाद 5780 व्यापारियों ने छह जुलाई तक अपना पंजीकरण करा लिया है। डाटा अपटेड न होने की दशा में विभागीय अधिकारी भी कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे है। सहायक आयुक्त राज्य माल एवं सेवा कर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिदिन बताया कि प्रतिदिन सौ से अधिक व्यापारियों ने अपना पंजीकरण कराया था। हालांकि अब यह संख्या कम हो गई है। 25 जून से पंजीकरण की तिथि तीन माह बढ़ने के बाद अपडेट की जानकारी नहीं हो पा रही है।

पंजीकरण के लिए व्यापारियों को किया जा रहा प्रोत्साहित
बलिया। विभाग और सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से लोगों को अधिक से अधिक पंजीकरण के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी जीएसटी पर व्यापारियोें की मदद के लिए शासन-प्रशासन को निर्देश दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को भी जागरूकता गोष्ठी के निर्देश दिए हैं। फिर भी जीएसटी का लेकर बाजार में जो उत्साह दिखना चाहिए वह नहीं दिख रहा है। विभागीय अफसर तो जागरूकता गोष्ठी कर रहे हैं। लेकिन अब भी बहुत से व्यापारी इससे अछूते नजर आ रहे हैं। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं को खुद ही जीएसटी के बारे में पता नहीं है तो दूसरों को जागरूक करने का सवाल ही नहीं उठता है। विभागीय सूत्रों की माने तो कुल 7210 व्यापारी राज्य कर एवं माल कर विभाग में पंजीकृत रहे हैं। जीएसटी के तहत पंजीयन के बाद करदाताओं का आंकड़ा करीब 7210 हो जाएगा जीएसटी की आड़ में अगर किसी के साथ ठगी होती है तो उसकी शिकायत के लिए राज्य कर एवं मालकर विभाग में हेल्प डेस्क बनाए गए है। जहां पर व्यापारी खुद शिकायत कर सकता है।
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कड़े प्रावधान के चलते जीएसटी को लगा रहे चूना
बलिया। केंद्र सरकार ने आनन-फानन में पूरे देश में एक जुलाई से जीएसटी तो लागू कर दी। लेकिन इसके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं होने से लोग अब ठगे जा रहे हैं। वहीं प्रावधानों को ठेंगा दिखाकर कुछ व्यापारी अपने ध्ंाधे को निपटा ले रहे हैं। जबकि सीधे-साधे तरीके से थोक का धंधा करने वाले व्यापारी परेशान है। वहीं कुछ थोक व्यापारी आधार और पैन लेकर एक ही आधार पर दिन भर का धंधा दिखा दे रहे हैं। ऐसे में जहां एक तरफ ड्रग एक्ट का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर ऐसे थोक दूकानदार हैं जो जीएसटी के कड़े प्रावधान लागू न कराने के चलते अपना कारोबार सौ फीसदी करने में जुट हुए हैं। जिसे सबकुछ जानने के बाद भी विभाग के अफसर बेखबर है। हालांकि इस बाबत सहायक आयुक्त राज्य माल एवं सेवा कर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि जीएसटी अभी लागू हुए हैं। अभी किसी पर पेनाल्टी नहीं कर सकते। अभी हम लोग जागरूकता गोष्ठी कर रहे है। तीन माह बीतने के बाद कार्रवाई शुरू हो जाएगी। जो भी गलत ढंग से कारोबार करेगा कार्रवाई होगी।
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