बैरिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए वर्ष 2019-20 में स्वीकृत 577 के सापेक्ष 538 आवास ही बन पाए हैं। जबकि भुगतान लेने के बावजूद 39 लाभार्थियों ने आवास का निर्माण नहीं कराया है। डीआरडीए के पीडी ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को चेतावनी दी है।
बता दें कि मुरली छपरा विकास खंड में स्वीकृत 184 के सापेक्ष 176 लाभार्थियों ने ही अपना आवास बनवाया है। जबकि बैरिया विकास खंड में स्वीकृत 106 लाभार्थियों में से 86 ने ही आवास बनवाया है। रेवती विकास खंड में 287 लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत किया गया था लेकिन 276 लाभार्थियों ने ही आवास बनवाया है। इस तरह कुल 39 लाभार्थियों ने भुगतान लेने के बावजूद आवास का निर्माण एक साल बाद भी नहीं कराया है। एक साल बाद भी इन आवासों का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण पीडी डीएन दुबे ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को आवास निर्माण कार्य को पूरा कराने का निर्देश दिया है।
बिना निर्माण शुरू कराए सभी किस्त जारी करने पर सवाल
बलिया। पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को बतौर पहली किस्त 40 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। जबकि दूसरी किस्त में 70 हजार रुपये और तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा लाभार्थियों को मनरेगा से प्रतिदिन 201 के हिसाब से 90 दिन की मजदूरी का भी भुगतान किया जाता है। सवाल उठता है कि जब पहली किस्त के बाद आवास का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो दूसरी व तीसरी किस्त का भुगतान कैसे हो गया। इस बाबत एडीओ पंचायत अवधेश पांडेय ने कहा कि जिस गांव में आवास नहीं बने हैं संबंधित सचिव को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।