बलिया। सुबह-शाम गुलाबी ठंड व दिन में तेज धूप से बच्चों से लेकर बुजुर्गों की सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है।
जुकाम के अलावा बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी व बच्चों को जुकाम के बाद जकड़न की परेशानी बढ़ गई है। जिले के 79 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में ऐसी ही बीमारियों से पीड़ित लोग पहंुचे।
स्वास्थ्य केंद्रों पर वायरल संक्रमण, फीवर के अलावा गले में खरास, पेट दर्द, फंगल इंफेक्शन, आई फ्लू, जोड़ों में दर्द व सांस लेने की परेशानी वाले मरीज पहुंचे। एलोपैथ चिकित्सकों की कमी से होम्योपैथी व आयुष चिकित्सक व फार्मासिस्ट ने मरीजों का इलाज किया। कई केंद्रों पर खून जांच की आस में पहुंचे मरीज निराश हुए।
खून जांच के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएचसी रेफर किया।आरोग्य मेला के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. योगेंद्र दास ने बताया कि मेले में 3538 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ। जिसमें से गंभीर हालत में मिले 10 मरीेजों को रेफर किया गया।
भीमपुरा नंगर दो पर डॉ. अजीत कुमार ने 50 मरीजों तथा इंद्रौली मलकौली स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट दिग्विजय सिंह ने 20 मरीजों का तथा मालीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष चिकित्सक डॉ. खालिद ने 45 मरीजों का उपचार किया। डॉ. खालिद ने बताया कि बताया कि मौसम के बदलाव से टाइफाइड, एलर्जी के मरीज ज्यादा रहे। मरीजों को दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
इंदरपुर में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में न्यू पीएचसी बछईपुर पर वायरल फीवर, खांसी व एलर्जी के मरीजों की संख्या अधिक रही। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. आशीष चौहान ने 60 मरीजों का परीक्षण कर उपचार किया। इस मौके पर कर्मचारी शैलेंद्र त्रिपाठी, बलबीर सिंह, दीपक राम मौजूद रहे। न्यू पीएचसी खंदवा पर डाॅ. सुनीता सिंह व न्यू पीएचसी कसौंडर पर डाॅ. राजेश यादव ने मरीजों का इलाज किया।