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मेला के पहले दिन नपा को हुई 35हजार की आय

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ददरी मेला: पशुओं की आवक हुई तेज, खरीदारों के आने से गुलजार हुआ नंदीग्राम
गाय, बैल और भैंस की हुई खरीदारी, नंदीग्राम में आज होगा भूमि पूजन,
संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। ददरी मेला के दूसरे दिन सोमवार को नंदीग्राम में पशुओं के क्रय विक्रय का सिलसिला शुरू हो गया। गाय, बैल और भैंस की खरीदारी के साथ ही पशुओं का आवक भी तेज हो गया। ददरी मेला के नंदी ग्राम में मंगलवार को भूमि पूजन किया जायेगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है।नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुरुप कार्यक्रम को संपन्न कराया जायेगा।
पहले दिन मेला में पशुओं की क्रय-विक्रय से नगर पालिका को करीब 35 हजार की आय हुई, जिसमें गाय, बैल और भैंस के क्रय-विक्रय से नगरपालिका प्रशासन को छह हजार पांच सौ रुपये की आमदनी हुई। जबकि घोड़ा के क्रय-विक्रय से 28हजार पांच सौ रुपये की आमदनी हुई। मेला में दूसरे दिन भी नंदीग्राम में पशुओं के साथ-साथ पशु व्यापारियों के आने का भी क्रम जारी रहा। दूसरे दिन जिले के ग्रामीण अंचलों समेत पड़ोसी राज्य बिहार के गया, पटना, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज, समस्तीपुर, छपरा, बक्सर, हाजीपुर आदि जिलों से पशु व्यापारी मेले में पशुओं की खरीदारी के लिए आए। इसके इसके अलावा पड़ोसी जनपद गाजीपुर, मऊ, देवरिया और आजमगढ़ से भी पशुओं के खरीदार नंदीग्राम से ग्राहक मेले में पशुओं को निहारते नजर आए। बाहर से आने वाले पशु व्यापारियों की सहूलियत के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा मेला परिसर में आवश्यक व्यवस्थाओं को बहाल किया गया है। मेला के व्यवस्थाओं की निगरानी स्वयं अधिशासी अधिकारी कर रहे हैं। इसके अलावा मेला में आने वाले पशुओं के पंजीकरण और विक्रय के उपरांत जाने वाले पशुओं और व्यापारियों को आवश्यक प्रपत्र मुहैया कराने की देखरेख नगर पालिका के कार्यालय अधीक्षक रविंद्र सिंह कर रहे है।
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इनसेट
24 घंटे बाद भी नहीं हो सका मेला थाना का संचालन
भले ही ददरी मेला के शुरू हुए 24 घंटे से अधिक का समय व्यतीत हो गया है, लेकिन इसके बाद भी नंदी ग्राम परिसर में मेला थाना का संचालन शुरू नहीं हो सका है। पुलिस कर्मियों के अभाव में मेला थाना के लिए बना टेंट और परिसर सूना रहा और वहां आवारा कुत्ते आराम फरमाते देखे गयें। मेला में पुलिस की गैरमौजूदगी से एक ओर पशु व्यापारियों में असुरक्षा की भावना दिखी तो दूसरी ओर मेला को लेकर पुलिस की उदासीनता भी सामने आई। सूत्र बताते हैं कि मेला आरंभ होने के दिन तक पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ को मेला के आयोजन की आधिकारिक जानकारी नहीं थी, जिसके कारण मेला में आने वाले व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती के काम में काफी विलंब हुआ। बता दें कि बीते वर्ष ददरी मेला के मीना बाजार के समापन के दौरान बदमाशों द्वारा एक खजला व्यापारी हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। शायद कोतवाली पुलिस उस घटना से सबब लेना भूल गई है।
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दूसरे दिन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही रानी
ददरी मेला के पशु बाजार में आई रानी नाम की घोड़ी सोमवार को दूसरे दिन भी ददरी मेला के नंदी ग्राम में खरीदारों और लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। रेवती थाना क्षेत्र के भोपालपुर निवासी राजिंदर यादव की रानी घोड़ी की कीमत एक लाख अस्सी हजार रुपये बताई जा रही है। घोड़ी की कीमत के कारण दिनभर इसे को देखने के लिए दिन भर लोगों की भीड़ लगी रही।
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